पुलिस हिरासत में युवक की मौत के एक मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने झारखंड सरकार को मृतक के परिवार को 10 लाख रुपया मुआवजा देने का आदेश दिया है. इस मामले में बोकारो के मानवाधिकार कार्यकर्ता अनूप कुमार द्वारा शिकायत दर्ज करायी गयी थी. 18 जुलाई 2023 को हजारीबाग जिले के बरही थाना में पुलिस हिरासत में रखे गये 22 वर्षीय मो अशफाक खान की मौत हो गयी थी. परिजनों ने आरोप लगाया था कि थाना हाजत में अशफाक के साथ बेरहमी से मारपीट की गयी थी. इसके कारण उसकी हालत बिगड़ गयी और अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो गयी. आयोग के समक्ष प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार मामले में सब इंस्पेक्टर निरंजन सिंह, राजाराम हांसदा और प्रेम पीटर को लापरवाही और कर्तव्य में चूक के लिए निलंबित किया गया था तथा विभागीय कार्रवाई के बाद छह माह की वेतन वृद्धि रोक दी गयी थी.
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