भूखल घासी की मौत के बाद हरकत में आयी सरकार

कसमार प्रखंड के करमा (शंकरडीह) गांव निवासी भूखल घासी (42) की मौत की खबर ‘प्रभात खबर’ में प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद शनिवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खाद्य आपूर्ति सचिव को खुद जाकर जांच करने का निर्देश दिया.

रांची/कसमार : कसमार प्रखंड के करमा (शंकरडीह) गांव निवासी भूखल घासी (42) की मौत की खबर ‘प्रभात खबर’ में प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद शनिवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खाद्य आपूर्ति सचिव को खुद जाकर जांच करने का निर्देश दिया. खाद्य आपूर्ति विभाग के अपर मुख्य सचिव सचिव अरुण सिंह, विभागीय निदेशक संजय कुमार, बोकारो उपायुक्त मुकेश कुमार, विधायक डॉ लंबोदर महतो समेत अन्य अधिकारी मृतक के घर पहुंचे. इस दौरान मृतक के परिजनों को कई प्रकार की सरकारी सहायता उपलब्ध करायी गयी. अपर मुख्य सचिव ने दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने की बात भी कही. उन्होंने बीडीओ एवं एमओ से मामले को लेकर शो कॉज किया है. जवाब से असंतुष्ट होने पर दोनों को सस्पेंड करने की बात कही.

  • प्रभात खबर की कटिंग को विधायक ने सीएम को ट्वीट कर जानकारी दी

अपर मुख्य सचिव ने मुखिया से जानना चाहा कि आखिर किन कारणों से भूखल घासी का राशन कार्ड नहीं बना? कहा : प्रत्येक पंचायत को दस हजार रुपये इस तरह के मामलों में मदद करने के लिए विशेष तौर पर उपलब्ध हैं. फिर पैसा खर्च क्यों नहीं हुअा. सचिव ने कहा कि केवल पावर चमकाने के लिए पद हासिल न करें. जिम्मेदारी निभाएं, अन्यथा निलंबित कर दिये जाएंगे. सचिव ने अधीनस्थ अधिकारियों को पीड़ित परिवार का अविलंब राशन कार्ड बनाने, अनाज उपलब्ध कराने के साथ-साथ सभी तरह की समुचित सरकारी सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया.

श्री सिंह ने कहा : सरकार गरीबों के लिए योजना बनाती है, लेकिन गैर जिम्मेदार अधिकारियों के कारण बहुत सी योजनाओं का लाभ वास्तविक लोगों को नहीं मिल पाता है. श्री सिंह ने सभी सक्षम लोगों का राशन कार्ड वापस लेकर सूची से उनका नाम हटाने एवं वास्तविक जरूरतमंदों को राशन कार्ड बनाने का निर्देश दिया.

इससे पूर्व ‘प्रभात खबर’ में समाचार प्रकाशित होते ही सुबह में डीसी मुकेश कुमार एवं एसडीओ प्रेम रंजन सुबह पीड़ित के घर पहुंचे. मामले में पूछताछ की. डीसी ने मृतक की पत्नी रेखा देवी को पारिवारिक लाभ योजना के तहत तत्काल 20 हजार रुपये उपलब्ध कराये तथा शेष रकम आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद बैंक खाता में डालने का निर्देश दिया. करीब चार पैकेट अनाज भी उपलब्ध कराये गये.

डीसी के निर्देश पर रेखा देवी का लंबित राशन कार्ड भी अविलंब बना दिया गया एवं विधवा पेंशन भी स्वीकृत कर दी गयी. इसके अलावा पीड़ित परिवार का आंंबेडकर आवास योजना के तहत आवास बनाने तथा परिवार के सभी सदस्यों की स्वास्थ्य जांच कराने का निर्देश भी दिया.डीसी ने मृतक की दोनों बेटियों का कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में नामांकन कराने निर्देश दिया. डीसी के निर्देश पर घासी टोला में डीप बोरिंग का काम भी आरंभ हो गया.

  • सीएम के निर्देश पर खाद्य आपूर्ति विभाग के सचिव, विभागीय निदेशक, उपायुक्त, विधायक पहुंचे मृतक के घर

सुदीव्य ने दी थी सीएम को जानकारी : मामला प्रभात खबर में प्रकाशित होने के बाद गिरिडीह के झामुमो विधायक सुदीव्य कुमार ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इस मुद्दे पर बात की . इसके बाद सीएम ने ट्वीट कर कहा कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जायेगा. उन्होंने खाद्य आपूर्ति विभाग के सचिव खुद जाकर जांच करने का निर्देश दिया.

खर्च नहीं करते मुखिया – विधायक : विधायक सुदीव्य कुमार ने कहा कि मुखिया के पास 10 हजार रुपये आपदा के लिए रहता है. मुखिया खर्च नहीं करते. यह गंभीर बात है. यह मुखिया की जवाबदेही होती है कि किस व्यक्ति का कार्ड बना है या नहीं बना. विधायक ने कहा कि मामले में जो भी दोषी होंगे सीएम ने सब पर कार्रवाई की बात कही है.

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Author: Pritish Sahay

Published by: Prabhat Khabar

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