फुसरो. फुसरो शहर के पुराना सरकारी भवनों में एक डॉ राजेंद्र प्रसाद स्मृति भवन जर्जर हो गया है. इसके कारण इसका उपयोग शादी और अन्य समारोह के लिए नहीं हो पा रहा है. 23 साल पुराने इस भवन के हॉल, कमराें व शौचालय का प्लास्टर और छत का मलबा गिर रहा है. शीशे भी टूट गये हैं. विधायक मद से बने इस भवन का शिलान्यास पूर्व मंत्री स्व राजेंद्र प्रसाद सिंह ने 15 अप्रैल 2001 और उद्घाटन छह नवंबर 2002 को किया था. इसके निर्माण पर 15 लाख खर्च हुए थे. भवन बनने के बाद से फुसरो शहर के अलावे अन्य क्षेत्र के लोग न्यूनतम दर पर बुकिंग कर समारोह का आयोजन करते थे. सरकारी बैठकों के लिए भी वर्षों तक उपयोग में लाया गया. लोगों के लिए उपयोगी रहा यह भवन मरम्मत की बांट जोह रहा है. बनने के बाद दो बार इसकी मरम्मत हुई है. एक बार बेरमो के तत्कालीन विधायक स्व राजेंद्र प्रसाद सिंह की अनुशंसा पर मरम्मत की गयी थी. इसके बाद भवन के बुकिंग से प्राप्त राशि से मरम्मत करायी गयी थी. इस बीच में तीन लाख रुपये से चहारदीवारी का निर्माण हुआ था. दस लाख रुपये से तीसरी मंजील, भवन परिसर में सामुदायिक भवन, किचन, शौचालय व अन्य कार्य कराये गये थे. लेकिन पिछले दस वर्षों से भवन की मरम्मत नहीं हुई है. इस भवन में सबसे ऊपर सिर्फ बड़ा हॉल है. दूसरे व ग्राउंड फ्लोर में एक हॉल, दो कमरा, शौचालय व बाथरूम हैं. इस भवन के निर्माण को लेकर भूमि का आवंटन राज्यपाल की ओर से किया गया था. बेरमो अंचल की ओर से भी लगभग एक एकड़ जमीन उपलब्ध करायी गयी थी.
संचालन कमेटी के संरक्षक हैं बेरमो विधायक
इस भवन की संचालन कमेटी में संरक्षक बेरमो विधायक, पदेन अध्यक्ष बेरमो एसडीएम व पदेन सचिव बेरमो बीडीओ होते हैं. उपाध्यक्ष गिरिजाशंकर पांडेय और कोषाध्यक्ष दयानंद बरनवाल को बनाया गया था. गिरिजाशंकर पांडेय के निधन के बाद कमेटी का पुनर्गठन नहीं किया गया है.स्थिति से वरीय पदाधिकारी को कराया जायेगा अवगत : बीडीओ
बेरमो बीडीओ मुकेश कुमार ने कहा कि डॉ राजेंद्र प्रसाद स्मृति भवन फुसरो की जर्जर स्थिति से वरीय पदाधिकारी व उपायुक्त को अवगत करवाया जायेगा. उनके दिशा-निर्देश पर आगे की कार्रवाई की जायेगी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
