बोकारो : भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने सोनम वांगचुक के बिगड़ते स्वास्थ्य पर चिंता जताते हुए 20 जुलाई को देशव्यापी विरोध-प्रदर्शन को सफल बनाने की अपील की है. पार्टी का कहना है कि नीट प्रश्नपत्र लीक मामले में जिम्मेदारी तय करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए. साथ ही राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को समाप्त करने की मांग दोहराई गई है.
माकपा ने आरोप लगाया कि आंदोलनरत छात्रों और नेताओं से बातचीत नहीं करना केंद्र सरकार की असंवेदनशीलता को दर्शाता है. पार्टी का कहना है कि शिक्षा के केंद्रीकरण और व्यावसायीकरण के कारण परीक्षा व्यवस्था प्रभावित हुई है.
सीपीआई (एम) पोलित ब्यूरो ने सभी पार्टी इकाइयों, लोकतांत्रिक संगठनों और नागरिकों से 20 जुलाई के विरोध-प्रदर्शन में भाग लेकर आंदोलनरत छात्रों और सोनम वांगचुक के समर्थन में एकजुटता दिखाने की अपील की है. शुक्रवार को यह जानकारी झारखंड राज्य कमेटी के सदस्य राज कुमार गोरांई ने दी.
