बोकारो. बोकारो स्टील प्लांट के पास सेक्शन पर शुक्रवार को बोकारो इस्पात कामगार यूनियन (एटक) के बैनर तले ठेका श्रमिकों ने प्रदर्शन किया. प्रदर्शन में इंगोट मोल्ड फाउंड्री, मशीन शॉप, ब्लास्ट फर्नेस के पीसीएम व आरएमएचपी में कार्यरत ठेका श्रमिक शामिल हुए. मजदूरों ने टेंडर फाइनल होने के बावजूद सभी श्रमिकों को काम की गारंटी देने, बैठाए गए मजदूरों को अविलंब काम पर रखने तथा गेट पास की प्रक्रिया जल्द पूरी करने की मांग की.
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए यूनियन के महामंत्री रामाश्रय प्रसाद सिंह ने कहा कि मुख्य महाप्रबंधक (सर्विसेस) के साथ सहमति बनने के बावजूद इंगोट मोल्ड फाउंड्री के ठेकेदार एब्सोल्यूट लॉजिस्टिक द्वारा पांच श्रमिकों का गेट पास अब तक नहीं बनवाया गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारी और ठेकेदार की उदासीनता के कारण मजदूरों को काम से वंचित रहना पड़ रहा है.
पीसीएम के ठेकेदार पर लगाया भेदभाव का आरोप
यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि पीसीएम का ठेकेदार कुछ मजदूरों को जानबूझकर काम से बाहर रख रहा है. इससे उत्पादन कार्य प्रभावित होने के साथ श्रमिकों में असंतोष बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि स्थायी प्रकृति के कार्यों में वर्षों से लगे कुशल ठेका श्रमिक उत्पादन और उत्पादकता में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं, इसलिए उनके साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए.
मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
यूनियन नेताओं ने कहा कि एनआईटी में आवश्यक संशोधन कर सभी ठेका श्रमिकों को नौकरी की गारंटी दी जाए. चेतावनी दी गई कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा. प्रदर्शन में प्राण सिंह, मोइन आलम, सहदेव, दिलीप, परितोष, आनंद, पप्पू, ओम प्रकाश, राम प्रसाद, धर्मेंद्र, रामेश्वर, चंदन, पवन सिंह, उमेश, बनामली, लक्ष्मण, प्रदीप, जब्बार, विजय, वीरेन, मुकेश, बीरेंद्र मोदी, प्रफुल्ल, धनंजय, रंजीत, लॉबिंग मांझी सहित बड़ी संख्या में ठेका श्रमिक मौजूद थे.
इन मांगों को लेकर किया प्रदर्शन
प्रदर्शनकारी श्रमिकों ने सभी ठेका श्रमिकों को 60 वर्ष तक सेवा की गारंटी देने, इंगोट मोल्ड फाउंड्री, पीसीएम, मशीन शॉप और आरएमएचपी के बैठे हुए मजदूरों को तत्काल काम पर रखने, सभी को न्यूनतम मजदूरी सुनिश्चित करने, कट मनी लेने, न्यूनतम वेतन नहीं देने और मजदूरों को काम से हटाने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने की मांग की. इसके अलावा ठेका श्रमिकों को बोकारो जनरल अस्पताल में चिकित्सा सुविधा व उनके बच्चों को बीएसएल के अधिकृत विद्यालयों में पढ़ाई की सुविधा देने की भी मांग उठाई गयी.
