बोकारो/चास. स्मार्ट मीटर से बिजली बिल में कथित गड़बड़ी को लेकर चास में कुछ उपभोक्ता परेशान हैं. इएसडी चास क्षेत्र में मानवीय त्रुटि के कारण कुछ स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के गलत बिल जनरेट होने का मामला सामने आया है. विभाग के अनुसार, इस त्रुटि के कारण किसी उपभोक्ता को 10 से 12 हजार रुपये तो किसी को 50 हजार रुपये से अधिक के भुगतान का मैसेज मोबाइल पर भेज दिया गया. अचानक अधिक राशि का बिल मिलने के बाद उपभोक्ताओं में असमंजस की स्थिति बनी.
चास विद्युत प्रमंडल के विद्युत कार्यपालक अभियंता एसडी तिवारी ने कहा कि विभाग के संज्ञान में बिल जनरेशन से जुड़ी त्रुटि आ गयी है. उनके अनुसार, मानवीय भूल से तैयार हुए गलत बिल को निरस्त किया जायेगा और मीटर रीडिंग के आधार पर सही बिल दोबारा जनरेट किया जायेगा. सही बिल तैयार होने के बाद संबंधित उपभोक्ताओं के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर नया मैसेज भेजा जायेगा.
अचानक बढ़े बिल से उपभोक्ता परेशान
उपभोक्ताओं का कहना है कि उनकी सामान्य बिजली खपत के मुकाबले मोबाइल पर भेजी गयी बिल राशि काफी अधिक है. कुछ उपभोक्ताओं को हजारों रुपये का बिल मिलने से वे भुगतान को लेकर असमंजस में पड़ गये. बिल का मैसेज मिलने के बाद कई उपभोक्ताओं ने मामले की जानकारी लेने के लिए विद्युत विभाग से संपर्क किया.
विभाग ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल अधिक राशि वाले इन संदेशों को सही बिल नहीं माना जाये. गलत बिल को विभागीय स्तर पर सुधारने की प्रक्रिया शुरू की गयी है. वास्तविक देय राशि मीटर रीडिंग के आधार पर निर्धारित की जायेगी.
कई इलाकों से अधिक बिल की शिकायत
स्मार्ट मीटर की बिलिंग को लेकर चास के अलग-अलग इलाकों से अधिक बिल आने की शिकायतें सामने आने की बात कही गयी है. झोपड़ी कॉलोनी, बीएसएल एलएच, चास पुराना बाजार, गंधाजोड़, चिराचास और प्रभात कॉलोनी के कुछ उपभोक्ताओं ने अधिक राशि के बिल की शिकायत की है. इसके अलावा जोधाडीह मोड़ क्षेत्र से भी स्मार्ट मीटर की बिलिंग को लेकर पहले शिकायत सामने आ चुकी है.
गलत मैसेज मिलने पर भुगतान से बचें
विद्युत कार्यपालक अभियंता एसडी तिवारी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि अधिक राशि वाले गलत बिल का मैसेज मिलने पर घबराने की जरूरत नहीं है. उन्होंने उपभोक्ताओं से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और गलत बिल के आधार पर भुगतान नहीं करने को कहा है. विभाग के अनुसार, सही बिल जनरेट होने के बाद उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर पर नया संदेश भेजा जायेगा.
विभाग ने शुरू की सुधार की प्रक्रिया
विभाग के अनुसार, गलत बिलों को निरस्त कर मीटर रीडिंग के आधार पर सही बिल तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. सही बिल उपलब्ध होने के बाद ही उपभोक्ताओं को देय राशि की जानकारी मिलेगी. विभाग ने भरोसा दिया है कि मानवीय त्रुटि के कारण उत्पन्न हुई बिलिंग समस्या को ठीक किया जायेगा.
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