चास प्रखंड के बेलुंजा गांव में चैती दुर्गा पूजा का आयोजन वर्ष 1862 से हो रहा है. हर वर्ष धूमधाम से पूजा होती है. आसपास के अलावा दूर-दराज से श्रद्धालु
यहां पूजा करने आते हैं. वर्षों से यह मंदिर आस्था का केंद्र है. पांच दिवसीय चैती दुर्गा पूजा 24 मार्च को षष्ठी पूजन के साथ शुरू होगी. पूजा के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया जाता है.
1972 में बना था मंदिरयहां अयोध्यानाथ दुबे व मनिलाल दुबे ने पूजा शुरू की थी. दोनों के वशंजों ने बताया कि गांव में शारदीय दुर्गा पूजा के दौरान गुरुदास दुबे के पुत्र मनिलाल दूबे गंभीर बीमारी से पीड़ित हो गये थे. गुरुदास दुबे ने मंदिर में पूजा की. इसके बाद मनिलाल ठीक हो गये. उसी समय से
यहां चैती दुर्गा पूजा शुरू हुई. वर्ष 1972 में भैरवचंद दूबे ने मंदिर का निर्माण कराया. पूजा व मेला को लेकर कुल पुरोहित पंडित प्रकाश भट्टाचार्य व अयोध्यानाथ दुबे के वंशज तथा ग्रामीण जुटे हुए हैं.