ऑल इंडिया इलेक्ट्रिसिटी कंज्यूमर्स एसोसिएशन, बोकारो इकाई की ओर से विद्युत (संशोधन) विधेयक, 2025 की प्रतियां मंगलवार को बोकारो उपायुक्त कार्यालय के समीप जलाकर आक्रोश व्यक्त किया. इसके बाद केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल खट्टर के नाम उपायुक्त को ज्ञापन सौंप कर इस विधेयक को वापस लेने की मांग की. लोगों ने कहा कि विधेयक का उद्देश्य पूरे बिजली क्षेत्र का निजीकरण करना है. इससे किसानों और घरेलू उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ेगी. बिजली वितरण और उत्पादन के सबसे लाभदायक हिस्से निजी कंपनियों को दे दिये जायेंगे. घाटा और सामाजिक दायित्व सार्वजनिक क्षेत्र को ही उठाना पड़ेगा. मौके पर कुमुद महतो, जगन्नाथ रजवार, गीता कुमारी, विनोद सिंह, प्रदीप मरांडी, आर एस शर्मा, मानेश्वर राणा, नवीन कुजुर, सुबोध महतो, नागेश्वर महतो, दिपक चट्टोपाध्याय, मदन प्रजापति, सुनील दास, महादेव शर्मा सहित अन्य उपस्थित थे.
विद्युत विभाग में कर्मियों ने किया प्रदर्शन
विधेयक के विरोध में मंगलवार को चास में विद्युत विभाग के कर्मचारियों, इंजीनियरों और पदाधिकारियों ने काम बंद कर प्रदर्शन किया. बिजली क्षेत्र के निजीकरण, क्रॉस-सब्सिडी खत्म करने और निजी कंपनियों को वितरण में लाने के प्रावधानों का विरोध किया गया. वक्ताओं ने कहा कि यह बिल बिजली क्षेत्र के गुप्त निजीकरण का मार्ग प्रशस्त करेगा और आम उपभोक्ताओं के लिए दरें बढ़ायेगा. सरकार से इस जनविरोधी बिल को संसद में पेश न करे.
