साइबर ठगी के पीड़ितों की शिकायत दर्ज कराने और जांच की प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के लिए बोकारो पुलिस ने नया एसओपी सख्ती से लागू कर दिया है. इसके तहत दो लाख रुपये तक की साइबर ठगी से संबंधित शिकायत स्थानीय थाने में दर्ज की जायेगी. वहीं, दो लाख से अधिक की राशि से जुड़े मामलों की प्राथमिकी साइबर थाना में दर्ज होगी.
नयी व्यवस्था से पीड़ित को होगी सहूलियत
एसपी नाथू सिंह मीणा ने बताया कि नयी व्यवस्था से शिकायतों के पंजीकरण और जांच की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होगी. साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतें बिना देरी के संबंधित पुलिस इकाई तक पहुंचेंगी और कार्रवाई में तेजी आयेगी. उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को नये एसओपी का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है.
ओटीपी और बैंक डिटेल साझा नहीं करने की अपील
एसपी ने बीट अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में साइबर जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया है. इसके तहत लोगों को बैंक खाते की जानकारी, एटीएम और क्रेडिट कार्ड का विवरण, नेट बैंकिंग क्रेडेंशियल तथा ओटीपी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने के प्रति जागरूक किया जायेगा. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि साइबर ठगी होने पर किसी तरह की देरी न करें और तत्काल संबंधित थाने में शिकायत दर्ज करायें.
लंबित मामलों में चार्जशीट दाखिल करने पर जोर
पुलिस अधिकारियों को लंबित मामलों की जांच शीघ्र पूरी करने और निर्धारित 60 या 90 दिनों की अवधि के भीतर चार्जशीट दाखिल करने का निर्देश दिया गया है. शिकायतकर्ताओं के साथ शालीन व्यवहार करने तथा जमानत पर बाहर आये आरोपितों की गतिविधियों पर बीट स्तर पर नजर रखने को भी कहा गया है.
पेट्रोलिंग और क्यूआर कोड से निगरानी
एसपी ने नियमित गश्ती बढ़ाने और क्यूआर कोड आधारित निगरानी व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर जोर दिया. अदालत से जारी वारंट और नोटिस का समय पर निष्पादन सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया है. इसके अलावा अवैध गांजा, अफीम और शराब के कारोबार तथा पशु तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा गया है.
