जैनामोड़, पेटरवार में सोहराय समिति की ओर से शनिवार को हर्षोल्लास के साथ सोहराय पर्व मनाया गया. अध्यक्षता श्रीराम हेंब्रम ने की. इस अवसर पर दिशोम नायके सुरेंद्र सोरेन व दिशोम मांझी द्वारा गोड़मांझी में पूजा-अर्चना की गयी. संताल समाज के देवी-देवताओं को प्रसाद चढ़ाया गया. सुखमय जीवन की विनती मरांग बुरु, जाहेर ऐरा, गोसाई ऐरा से की गयी. समाज की समृद्धि व परंपरा संस्कृति की पहचान बनी रहे. इसके बाद संताली नृत्य प्रस्तुत किया गया. पारंपरिक परिधान में महिलाओं ने मांदर की थाप पर नृत्य किया. वहीं कार्यक्रम में पहुंचे आदिवासी बचाव मोर्चा के अध्यक्ष अमित सोरेन ने बताया कि सोहराय पर्व संताल की सांस्कृतिक धरोहर है. संताल समुदाय के लोग आज भी प्रकृति की पूजा को मानते हैं. सोहराय पर्व मनाने का मुख्य उद्देश्य हैं कि गाय और बैलों को खुश करना. गाय और बैल बेजुबान होते हैं और उनकी मेहनत से ही खेतों में फसल तैयार होता है. उनके साथ खुशियों को बांटने के लिए पर्व मनाया जाता है. इसके अलावा हर वर्ष फसल अच्छी हो, इसको लेकर भी पर्व मनाया जाता है. मौके पर अजय किस्कू, सोहन मुर्मू, सोहराय हांसदा, अजीत मुर्मू, महेश सोरेन, रामकृष्ण मुर्मू, दिलीप कुमार मुर्मू, नामेश्वर हेंब्रम, रामलाल हेंब्रम, सुखलाल मुर्मू, फूलचंद हेंब्रम, लालजी मांझी, बाबूचंद मुर्मू, दीजन कुमार मुर्मू, लखनलाल आदि मौजूद थे.
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