Bokaro News : केंद्र व राज्य में दो बार बन गयी नयी सरकार, पर बोकारो एयरपोर्ट से शुरू नहीं हुई उड़ान

Bokaro News : 25 अगस्त 2018 को बोकारो एयरपोर्ट विस्तारीकरण का किया गया था शिलान्यास, उदासीनता के कारण नहीं बदल रही बोकारो एयरपोर्ट की किस्मत

सीपी सिंह, बोकारो, बोकारो के सपनों की उड़ान को कब पंख मिलेगा, इस सवाल का जवाब 25 अगस्त 2018 से लगातार किया जा रहा है. इसी दिन बोकारो एयरपोर्ट विस्तारीकरण का शिलान्यास किया गया था. उद्घाटन की तारीख की घोषणा की गयी थी. उस समय दावा किया गया था कि 25 दिसंबर 2018 को बोकारो एयरपोर्ट से उड़ान शुरू हो जायेगी. इस बीच दो बार केंद्र में मोदी सरकार बनी. राज्य में भी फिर से हेमंत सोरेन सरकार बन गयी. लेकिन, एयरपोर्ट से उड़ान शुरू नहीं हो पायी. 2019 से लेकर 2024 के चुनाव में बोकारो एयरपोर्ट का नाम बहुत तेजी से गूंजा था. 2024 विधानसभा चुनाव में मौजूदा विधायक की ओर से वादा किया गया था कि परिणाम सकारात्मक होने के 100 दिन के अंदर बोकारो एयरपोर्ट से उड़ान शुरू हो जायेगी. अब तो बोकारो के लिए यक्ष सवाल बन गया है कि आखिर कब शुरू होगी बोकारो से हवाई उड़ान.

एक के बाद एक आते गयी परेशानी

शिलान्यास के बाद सबसे पहले पेड़ की कटाई संबंधित परेशानी सामने आयी. 1772 पेड़ कटाई का मामला अटका. शिलान्यास के बाद लगभग 04 साल यानी सात जून 2022 में साफ हुआ कि इन पेड़ को स्थानांतरित नहीं, बल्कि काटा जायेगा. इसके बाद फिर से समस्या आयी कि पेड़ की कटाई कौन करेगा, वन प्रमंडल या बीएसएल. इस मामले को साफ होते-होते तीन माह का समय फिर बीता. इससे पहले कोरोना काल के कारण लगभग दो साल (2020 व 2021) तक काम ठप रहा.

पूर्व मंत्री ने की थी बैठक, लेकिन नहीं दूर हुई समस्या

मई 2023 तक पेड़ की कटाई पूरी कर ली गयी. इसके बाद लगा कि किसी भी वक्त उड़ान शुरू हो सकती है. कारण यह कि जब पेड़ कटाई का मामला अटका हुआ था, तब अन्य काम तेजी से पूरा कर लिया गया था. मसलन, रनवे, लॉन्ज, यात्री सुविधा, एटीएस समेत सभी काम पूरा किया गया. इसी बीच 12 जून 2023 को झारखंड के पूर्व मंत्री आलमगीर आलम, पूर्व बोकारो विधायक बिरंची नारायण समेत संबंधित अधिकारियों के बीच उच्च स्तरीय बैठक हुई. लाइसेंस प्रक्रिया के तहत मांगी गयी 22 जानकारी पर चर्चा व 19 क्वायरी पूरी करने की जानकारी दी गयी. साथ ही हर माह समीक्षात्मक बैठक की बात कही गयी. लगा कि 2023 बीतते-बीतते सभी समस्या का हल हो जायेगा. लेकिन, हुआ कुछ नहीं.

अग्निशमन का विशेष वाहन पहुंचा, लेकिन नहीं हटा बूचड़खाना

इसी बैठक में एयरपोर्ट के आसपास से बूचड़खाना संबंध में सवाल किया गया. इस संबंध में 29 नवंबर को विधानसभा की गैर संकल्प समिति ने 15 दिसंबर 2023 तक बोकारो एयरपोर्ट के आसपास से बूचड़खाना हटाने का निर्देश दिया था, लेकिन बूचड़खाना हटना तो दूर, इस दिशा में काम भी शुरू नहीं किया गया. इसके बाद बोकारो एयरपोर्ट में चार दिसंबर 2023 को अग्निशमन का विशेष वाहन बोकारो पहुंचा. साथ ही विभाग की ओर से 16 अग्निशमन कर्मी को भी हरी झंडी दे दी गयी. लेकिन, अभी तक एंबुलेंस को लेकर कोई पहल नहीं की गयी है. बताते चलें कि एयरपोर्ट से उड़ान के लिए मॉड्यूलर एंबुलेंस की तैनाती अनिवार्य तत्व माना जाता है. डीजीसीआइ लाइसेंस देने के पहले इन पहलू पर भी गौर फरमाती है.

मिलती रही, तारीख पर तारीख

जून 2023 में मंत्री आलमगीर आलम की अध्यक्षता में बैठक हुई थी. एयरपोर्ट से उड़ान जल्द शुरू हो इस दिशा में चर्चा की गयी थी. तय किया गया था कि हर माह एयरपोर्ट के संबंध में समीक्षात्मक बैठक होगी, ताकि उड़ान संबंध में आने वाली बाधा को दूर किया जा सके, पर इस दिशा में बैठक नहीं हुई. पांच दिसंबर 2023 को बकौल बोकारो विधायक नागरिक उड्यन मंत्रालय की ओर से 28 फरवरी तक उड़ान की तारीख मुकर्रर की गयी थी. आठ फरवरी 2024 को एएआइ-कोलकाता परिक्षेत्र की एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर निवेदिता दूबे का बोकारो दौरा हुआ. इस दिन 31 मार्च 2024 तक उड़ान की उम्मीद जतायी गयी. हालांकि, यह तारीख संशय के साथ तय की गयी थी. पूर्व में एयरपोर्ट के संबंध में सौंपी गयी दो चेकलिस्ट पर चर्चा हुई. एक में चास नगर निगम क्षेत्र से एनओसी मामले का निराकरण व सतनपुर पहाड़ी में सर्चिंग लाईट लगाने संबंधित चेकलिस्ट संबंध में पत्राचार करने की बात कही गयी.

मंत्रियों से बातचीत व पत्राचार भी नहीं आया काम

एयरपोर्ट विस्तारीकरण को लेकर 25 अगस्त 2018 को शिलान्यास हुआ. इसके बाद से लगातार नवंबर 2024 तक बोकारो में भाजपा के विधायक रहे. साथ ही केंद्र में भी भाजपा की सरकार रही. आये दिन बोकारो एयरपोर्ट से उड़ान को लेकर तरह-तरह का दावा किया गया. तारीख पर तारीख दी गयी. लेकिन, उड़ान शुरू नहीं हो पायी. इस दौरान पूर्व विधायक बिरंची नारायण ने कई केंद्रीय मंत्रियों से बात की. विभागीय पदाधिकारियों के साथ पत्राचार किया. तारीख भी तय की गयी. लेकिन, सभी तारीख अभी तक कागजी घोड़ा ही साबित हुआ.

सात साल से हो रहा है इंतजार, चेकलिस्ट पर कोई काम नहीं

बोकारो एयरपोर्ट से उड़ान के लिए बोकारो लगभग सात साल से इंतजार कर रहा है, पर अभी उड़ान संभव नहीं दिख रहा है. जानकारी के अनुसार बोकारो एयरपोर्ट को लाइसेंस प्रक्रिया का पूरा होने के पहले प्रदूषण विभाग, पर्यावरण विभाग, एक एंबुलेंस, एक फायर ब्रिगेड की विशेष वाहन की उपलब्धता पूरी करनी है. साथ ही सतनपुर पहाड़ी पर सर्च लाइट लगानी है. अभी भी एयरपोर्ट के उड़ान शुरू होने में सबसे बड़ी समस्या यथावत है.

इन्होंने कहा

इस संबंध में विधायक श्वेता सिंह ने कहा कि बोकारो से जल्द उड़ान शुरू कराने की दिशा में लगातार प्रयास किया जा रहा है. राज्य व केंद्र सरकार के बीच समन्वय स्थापित कर तमाम समस्याओं को दूर करने की कोशिश हो रही है. बोकारो से जल्द उड़ान शुरू होगी. पूर्व विधायक बिरंची नारायण ने कहा कि 23 नवंबर को चुनाव परिणाम आया था. 150 दिन तक मौजूदा विधायक के कार्य पर कुछ कमेंट नहीं करूंगा. इसके बाद ही समुचित सवाल किया जायेगा. बोकारो की जनता के सामने सभी बातों को रखा जायेगा. उपायुक्त विजया जाधव ने कहा कि एयरपोर्ट को लेकर कई एजेंसी काम करती हैं. राज्य सरकार से लेकर केंद्र सरकार की एजेंसी का काम होता है. एयरपोर्ट को लेकर सीधे जिला प्रशासन के हाथ में वर्तमान में कोई रुकावट नहीं है. कॉमर्शियल उड़ान संबंधित अड़चन को दूर करने के लिए जो निर्देश मिलेगा, वो किया जायेगा.

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