Bokaro News : दुर्गा पूजा महोत्सव : सुरक्षा व स्वच्छता को दें प्राथमिकता

Bokaro News : दुर्गा पूजा के सफल व सुरक्षित आयोजन के लिए उपायुक्त ने की बैठक, दिये जरूरी दिशा-निर्देश.

Bokaro News : दुर्गा पूजा के सफल व सुरक्षित आयोजन के लिए उपायुक्त ने की बैठक, दिये जरूरी दिशा-निर्देश.

बोकारो, दुर्गा पूजा महोत्सव को शांतिपूर्ण, सुरक्षित व स्वच्छ वातावरण में संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने सभी पूजा समिति व संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया है. शनिवार को उपायुक्त अजय नाथ झा की अध्यक्षता में बैठक हुई. इसमें दुर्गा पूजा के दौरान पंडाल प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, महिला व बच्चों की सुविधा, स्वच्छता व विसर्जन की पर्यावरण अनुकूल व्यवस्था को लेकर निर्देश दिया गया. मौके पर पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह, उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार, एसी मुमताज अंसारी, एसडीओ चास प्रांजल ढांडा व एसडीओ बेरमो मुकेश मछुआ मौजूद थे.

पूजा पंडाल के लिए मानक :

पंडाल परिसर में सूचना केंद्र व डेस्क की व्यवस्था, पंडाल व आसपास स्वच्छता बनाए रखने के लिए विशेष सफाई दल की तैनाती व कूड़ादान व अपशिष्ट प्रबंधन की स्पष्ट व्यवस्था.

पर्यावरण मित्रता : पंडाल व सजावट में केवल इको-फ्रेंडली व बायोडिग्रेडेबल सामग्री का प्रयोग व प्लास्टिक का पूर्णतः निषेध.

सुरक्षा व्यवस्था : फायर सेफ्टी उपकरण व प्राथमिक अग्निशमन व्यवस्था अनिवार्य, सीसीटीवी कैमरा व कंट्रोल रूम की स्थापना, प्रवेश व निकास मार्ग पर पर्याप्त रोशनी व भीड़ नियंत्रण व्यवस्था.

कलात्मकता व सांस्कृतिक थीम : मूर्तियों व पंडाल में सांस्कृतिक व कलात्मक नवाचार को बढ़ावा व धार्मिक सौंदर्य व सामाजिक संदेशों का समावेश.

सार्वजनिक सुविधाएं : पीने के पानी की उपलब्धता, शौचालय व प्रसाद वितरण केंद्र व श्रद्धालुओं के लिए बैठने की उचित व्यवस्था.

महिला एवं बच्चों की सुरक्षा : महिला पुलिस बल की तैनाती, महिला हेल्प डेस्क व शिकायत निवारण तंत्र व बच्चों के लिए सुरक्षित क्षेत्र, वॉलंटियर्स की मौजूदगी व मेडिकल सहायता केंद्र.

स्वास्थ्य प्रोटोकॉल व प्रशासनिक नियम : स्वास्थ्य संबंधी सभी दिशा-निर्देशों का पालन, सरकारी आदेशों और प्रशासनिक निर्देशों का अनुपालन व वॉलंटियर्स व प्रमंडल के समुचित संचालन की जिम्मेदारी आयोजकों की होगी.

प्रतिमा विसर्जन के लिए मानक : निर्धारित स्थल पर विसर्जन व केवल प्रशासन द्वारा चिन्हित घाटों पर ही विसर्जन की अनुमति.

पर्यावरणीय अनुकूलता : मूर्तियां मिट्टी से बनी हों तथा प्राकृतिक रंगों का उपयोग हो व इको-फ्रेंडली सामग्री का प्रयोग.

सुरक्षा एवं भीड़ प्रबंधन : घाटों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, पुलिस बल व वॉलंटियर्स की मौजूदगी व प्राथमिक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी.

कचरा व स्वास्थ्य प्रबंधन : विसर्जन उपरांत घाट की साफ-सफाई अनिवार्य, अपशिष्ट का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण व मास्क, सैनिटाइजर का उपयोग व भीड़ नियंत्रण पर विशेष ध्यान.

जन-जागरूकता व रिपोर्टिंग : पूजा समितियां पर्यावरण संरक्षण एवं सुरक्षा संबंधी संदेशों का प्रचार करेंगे व विसर्जन उपरांत संबंधित समिति को सफाई रिपोर्ट प्रशासन को प्रस्तुत करनी होगी.

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