Bokaro News : रामलखन टुंगरी में पेयजल संकट, मेला व पर्यटन पर पड़ रहा असर

Bokaro News : कसमार प्रखंड के ऐतिहासिक व पौराणिक स्थल में चापाकल या डीप बोरिंग तक नहीं.

कसमार, कसमार प्रखंड के ऐतिहासिक व पौराणिक महत्व वाले रामलखन टुंगरी मंदिर परिसर में पेयजल की गंभीर समस्या श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए सबसे बड़ी परेशानी बनती जा रही है. वर्षों से इस स्थल को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की बातें की जा रही हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि आज तक मंदिर परिसर में पीने के पानी की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं हो सकी है. एक अदद चापाकल या डीप बोरिंग तक नहीं है. रामलखन टुंगरी मंदिर विकास समिति के सक्रिय सदस्य प्रकाश कुमार प्रजापति ने पेयजल संकट को सबसे बड़ी समस्या बताते हुए कहा कि पर्यटन और मेला की बात तब सार्थक होगी, जब यहां बुनियादी सुविधाएं हों. पेयजल के बिना श्रद्धालुओं को घंटों यहां रुकना मुश्किल हो जाता है. समिति की ओर से स्थानीय जनप्रतिनिधियों को लिखित आवेदन देकर डीप बोरिंग या अन्य पेयजल व्यवस्था की मांग भी की गयी थी. उन्होंने आशंका जतायी कि इस साल भी मकर संक्रांति के टुसू मेला में पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं हो पाएगी. श्री प्रजापति ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे फिलहाल अपनी ओर से पानी की व्यवस्था कर ही मंदिर परिसर में आएं. वहीं समिति और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि आस्था और पर्यटन से जुड़े इस महत्वपूर्ण स्थल पर प्राथमिकता के आधार पर स्थायी पेयजल सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि श्रद्धालुओं को राहत मिल सके. बता दें कि रामलखन टुंगरी मंदिर में भगवान श्रीराम के कथित पदचिन्ह होने की मान्यता के कारण पूरे साल श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहती है. जनवरी माह में यह स्थल पिकनिक स्पॉट के रूप में भी काफी लोकप्रिय हो जाता है. वहीं मकर संक्रांति के अवसर पर लगने वाले रामलखन टुंगरी मेला और टुसू विसर्जन के दौरान हजारों लोग यहां पहुंचते हैं. इतनी बड़ी भीड़ के बीच पेयजल की व्यवस्था नहीं होना लोगों को खासा परेशान करता है.

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By ANAND KUMAR UPADHYAY

ANAND KUMAR UPADHYAY is a contributor at Prabhat Khabar.

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