Bokaro News : पिंड्राजोरा से पांच साल पूर्व लापता सेजल झा को अब सीआइडी खोजेगा
Bokaro News : पुलिस मुख्यालय ने परिजन की मांग पर सेजल मामले की जांच का दिया आदेश, 16 अक्तूबर 2020 को ट्यूशन के लिए निकली युवती रास्ते से अचानक हो गयी थी लापता.
रंजीत कुमार, बोकारो, पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र से पांच साल पहले लापता सेजल झा को अब सीआइडी खोजेगा. यह युवती (घटना के समय किशोरी थी) 16 अक्तूबर 2020 को ट्यूशन के लिए निकली थी. कुरमा गांव की मुख्य सड़क से उसकी साइकिल, चप्पल व किताबें बरामद हुई थीं. सेजल झा केस को सीआइडी ने बोकारो पुलिस से टेकओवर करने की प्रक्रिया नौ जनवरी से ही शुरू कर दी है. टीम गुरुवार को पिंड्राजोरा थाना पहुंची और केस से जुड़ी सभी जानकारी मांगी. सीआइडी जानना चाहता है कि पिछले पांच साल में थाना स्तर पर क्या कार्रवाई हुई. पुलिस ने युवती को खोजने के कौन-सा कदम उठाया. वह कहां-कहां गयी. सीआइडी ने ढूंढने संबंधी सभी रिकाॅर्ड थाना से मांगा है. एसपी हरविंदर सिंह के अनुसार सेजल मामले में मुख्यालय से रिकॉल किया गया है.
चास के गिरधरटांड़ गांव की रहनेवाली है
सेजल
चास प्रखंड के गिरधरटांड़ गांव निवासी उषा झा व रामकृष्ण झा की पुत्री सेजल झा 16 अक्तूबर 2020 को पूर्वाह्न 10.45 बजे पास के गांव कुरमा टयूशन पढ़ने निकली थी. ठीक 15 मिनट बाद 11 बजे एक ट्रैक्टर चालक को मुख्य सड़क पर एक साइकिल, चप्पल व किताबें गिरी दिखीं. सेजल का घर मुख्य सड़क से लगभग 400 मीटर की दूरी पर था. चालक ने घर जाकर परिजन को इस बारे में बताया. जब परिजन वहां पहुंचे, तो सामान बिखरा मिला. परिजन ने पिंड्राजोरा थाना को घटना की जानकारी दी. पुलिस छानबीन में जुट गयी. लगातार छानबीन के बाद भी सेजल झा का कहीं पता नहीं चला.
चार एसपी बदल गये, पर नहीं चला सेजल का पता
तत्कालीन एसपी चंदन झा ने सेजल झा का पता लगाने के लिए एसआइटी का गठन किया था, परंतु टीम किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची. घटनास्थल के आसपास के दर्जनों लोगों से पूछताछ की गयी. मामला डीजीपी तक गया. एसपी प्रियदर्शी आलोक, एसपी पूज्य प्रकाश और एसपी मनोज स्वर्गियारी के कार्यकाल में भी छानबीन की गयी, किंतु नतीजा सिफर रहा. वर्तमान एसपी हरविंदर सिंह के निर्देश पर टीम ने परिजन को लेकर कई राज्यों में संभावित जगहों पर छापेमारी की. अब तक बोकारो पुलिस को कुछ भी हाथ नहीं लगा है.
चार दिन पूर्व डीजीपी से मिली थीं सेजल की मौसी
परिजन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से रांची में जाकर मिले. गुहार लगायी, पर कोई फायदा नहीं हुआ. परिजनों ने कई मंत्रियों व विधायकों के दरवाजे खटखटाये. बोकारो के तत्कालीन विधायक बिरंची नारायण ने सेजल की गुमशुदगी का मामला विधानसभा में उठाया था. उन्होंने सरकार से सकुशल बरामदगी की मांग की थी. कांग्रेस विधायक श्वेता सिंह ने भी सेजल झा मामले में गंभीरता दिखायी है. वह पुलिस अधिकारियों से लगातार मामले में जानकारी लेती रही हैं. पिछले पांच साल से केवल आश्वासन व कार्रवाई का सिलसिला चल रहा है. माता-पिता अपने स्तर से भी खोजबीन में जुटे हैं. शनिवार को सेजल की मां ने प्रभात खबर को बताया कि उनकी बहन ममता ने रांची में डीजीपी तदाशा मिश्रा से चार दिन पहले मुलाकात कर सेजल का पता लगाने की मांग की थी. डीजीपी ने सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया.
बोले एसपी
इस संबंध में बोकारो एसपी हरविंदर सिंह ने कहा कि सेजल झा मामले में मुख्यालय से रिकॉल किया गया है. परिजनों की संतुष्टि के लिए सीआइडी जांच करायी जायेगी. इससे पूर्व केस की समीक्षा की जा रही है.
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