बोकारो. माराफारी थाना क्षेत्र के बांसगोड़ा स्थित जुआ अड्डे पर करीब एक साल पहले हुए युवक की हत्या व लूटकांड के मुख्य आरोपियों में शामिल अनिल कुमार सिंह (32) का शव सोमवार को देवघर में बरामद हुआ. देवघर पुलिस ने देवपहरी की पहाड़ी के पास झाड़ियों से उसका शव सड़ी-गली अवस्था में बरामद किया. वहीं, अनिल के साथी प्रवीण कुमार उर्फ पारो को तीन दिन पहले पाकुड़ पुलिस ने आमड़ापाड़ा आभूषण लूटकांड में गिरफ्तार कर जेल भेजा है.
अनिल की मौत की सूचना के बाद बोकारो के साथ देवघर, जामताड़ा, गोड्डा और पाकुड़ के अलावा बिहार के बांका जिले की पुलिस भी उसकी तलाश से जुड़े मामलों की जांच में जुटी है. पुलिस के अनुसार, अनिल का नाम लूट, हत्या और फायरिंग समेत कई आपराधिक मामलों में सामने आया था. अलग-अलग थानों में उसके खिलाफ मामले दर्ज थे और वह लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर था.
हाथ पर बने टैटू से हुई शव की पहचान
अनिल देवघर जिले के मोहनपुर थाना क्षेत्र के चितरपोका के पास बांक पंचायत के सरसा गांव का रहनेवाला था. शव की हालत खराब होने और चेहरा क्षतिग्रस्त होने के कारण मौके पर पहचान करना मुश्किल था. उसके दायें हाथ पर बने ‘उमा’ टैटू से पहचान में मदद मिली. ‘उमा’ उसकी मां का नाम बताया गया है. उसकी बहन मधु कुमारी ने सदर अस्पताल स्थित पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर टैटू के आधार पर शव की पहचान अपने भाई के रूप में की.
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पुलिस के पंचनामा में शव के सीने पर एक छोटा गोलाकार जख्म और पीठ पर तीन छोटे गोलाकार जख्म मिलने का उल्लेख है. इन जख्मों के आधार पर गोली लगने की आशंका जतायी गयी है. मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा.
शव के पास मिली बाइक, डेढ़ माह से था घर से बाहर
देवघर एसडीपीओ कुलदीप कुमार के अनुसार, शव के पास से एक बाइक भी बरामद हुई है. बाइक अनिल की मां उमा सिंह के नाम पर बतायी गयी है. परिवार के अनुसार, अनिल करीब डेढ़ माह पहले घर आया था. इसके बाद वह दोबारा घर नहीं लौटा.
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि अनिल देवपहरी की पहाड़ी तक कैसे पहुंचा और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई. घटनास्थल और शव के पास मिले सामान की भी जांच की जा रही है.
2022 में आर्म्स एक्ट में गया था जेल
पुलिस के अनुसार, एक अगस्त 2025 की रात करीब साढ़े 12 बजे माराफारी थाना क्षेत्र के बांसगोड़ा जुआ अड्डे पर हुई लूट और युवक की हत्या के मामले में अनिल की संलिप्तता सामने आयी थी. इसके अलावा पेटरवार थाना क्षेत्र की शराब दुकान में हुई फायरिंग और लूट के मामले में भी उसका नाम सामने आया था.
वर्ष 2022 में पेटरवार पुलिस ने आर्म्स एक्ट के मामले में उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था. वर्ष 2023 में मोहनपुर पुलिस ने भी हथियार और गोली के साथ उसे गिरफ्तार किया था.
बांका ज्वेलर्स लूट व हत्या मामले में भी थी तलाश
30 अगस्त 2025 को बिहार के बांका जिले के बौंसी बाजार स्टेशन रोड स्थित शिव ज्वेलर्स में लूट और दुकानदार नवीन भुवानियां की हत्या के मामले में भी पुलिस अनिल की तलाश कर रही थी. झारखंड के देवघर, जामताड़ा, गोड्डा, बोकारो और पाकुड़ जिलों की पुलिस के अलावा बिहार के बांका जिले की पुलिस भी उससे जुड़े मामलों की जांच कर रही थी.
देवघर जिले के चितरा, सारवां, सोनारायठाढ़ी, पालोजोरी और मोहनपुर थानों में भी उसके खिलाफ मामले दर्ज होने की बात पुलिस रिकॉर्ड में सामने आयी है.
पुलिस पर फायरिंग कर भागने का भी आरोप
पुलिस के अनुसार, कुछ समय पहले अनिल दुमका जिले के सरैयाहाट में किराये के कमरे में रह रहा था. गोड्डा के आभूषण दुकान लूटकांड में उसका नाम सामने आने के बाद गोड्डा और बोकारो पुलिस की संयुक्त टीम वहां छापेमारी करने पहुंची थी. पुलिस का दावा है कि टीम को देखते ही अनिल ने फायरिंग की और भाग निकला.
इसके अलावा पाकुड़ पुलिस की चेकिंग के दौरान भी उसके हवाई फायरिंग करते हुए बाइक से भागने की बात सामने आयी थी. अनिल की मौत के बाद पुलिस अब उसके संपर्क में रहे लोगों, पूर्व आपराधिक मामलों और मौत की परिस्थितियों को लेकर जांच आगे बढ़ायेगी. उसकी मौत हत्या है या किसी अन्य परिस्थिति में हुई, यह जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगा.
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