राजधानी दिल्ली में हाल ही में हुए भीषण अग्निकांड के बाद बोकारो जिला प्रशासन भी सतर्क हो गया है. शहर के होटल, रेस्टोरेंट, लॉज और कोचिंग संस्थानों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की जांच शुरू की गयी. जांच के दौरान सामने आया कि बोकारो शहर के कई प्रतिष्ठान आवश्यक फायर एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) के बिना ही संचालित हो रहे हैं. मजिस्ट्रेट सत्यबाला सिन्हा की निगरानी में बोकारो अग्निशामालय पदाधिकारी भगवान ओझा व उनकी टीम ने विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के दस्तावेजों का सत्यापन किया. इस दौरान कई संचालक अग्निशमन विभाग से प्राप्त फायर एनओसी प्रस्तुत नहीं कर सके. बता दें कि अग्निशमन विभाग ने बोकारो के कई प्रतिष्ठानों को पिछले वर्ष भी नोटिस जारी किया था, लेकिन अधिकतर ने इस पर गंभीरता नहीं दिखायी. प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अग्नि सुरक्षा नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जायेगी. होटल, लॉज, रेस्टोरेंट और कोचिंग सेंटरों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही रहती है. ऐसे में अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, आपातकालीन निकास व्यवस्था और निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना आवश्यक है.
कार्रवाई की चेतावनी
जांच के बाद संबंधित प्रतिष्ठानों को आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने और अग्नि सुरक्षा संबंधी कमियों को दूर करने का निर्देश दिया गया है. नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की चेतावनी भी दी गयी है. आने वाले दिनों में निरीक्षण व्यापक स्तर पर किया जायेगा. मजिस्ट्रेट सत्यबाला सिन्ह ने कहा कि डीसी बोकारो के आदेशानुसार अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बोकारो के कई प्रतिष्ठानों की जांच की गयी है. जांच में देखा गया है कि कई संस्थान सुरक्षा मानकों की औपचारिकताओं को पूरा किये बिना चलाये जा रहे हैं. इस जांच रिपोर्ट डीसी को सौंपी जायेगी.
