शिक्षा विभाग ने जिला के 1500 से अधिक सरकारी स्कूलों में अग्निशामक यंत्र तो उपलब्ध करा दिये, लेकिन इनकी रिफिलिंग 15 वर्षों में दुबारा नहीं करायी गयी है. इसके कारण ये यंत्र बेकार पड़े हुए हैं. ऐसे में यदि किसी स्कूल में आग लग गयी तो बुझाना आसान नहीं होगा. मालूम हो कि वर्ष 2011 में स्कूलों को अग्निशामक यंत्र उपलब्ध कराये गये थे. नियम के अनुसार अग्निशामक यंत्रों की रिफिलिंग कम से कम प्रत्येक साल में करवाना चाहिए. यदि यंत्र का दबाव कम हो जाये, सील टूट जाये या इसका उपयोग हो चुका हो, तो इसे तुरंत रिफिल करना अनिवार्य है.
मालूम हो कि सरकारी स्कूलों में मध्याह्न भोजन बनता है. इसके लिए गैस चूल्हा, सिलेंडर का उपयोग होता है. स्कूल के किचन में कई सिलेंडर रखे होते हैं. सभी स्कूलों में कम से कम दो गैस सिलेंडर होता है. कहीं- कहीं दो से अधिक भी होता है. नव प्राथमिक विद्यालय सेक्टर-05 डी बगीचा टोला के प्रभारी प्रधानाध्यापक हरीश चरण लोहरा ने कहा कि स्कूल में लगे अग्निशामक यंत्र बेकार हो गये हैं. सतर्कता बरती जा रही है. दो बाल्टी पानी रसोई घर में भरवा कर रखवा देते हैं, ताकि अनहोनी से बचा जा सके.Bokaro News : सरकारी स्कूलों में बेकार पड़े हैं अग्निशामक यंत्र

Bokaro News : सरकारी स्कूलों में बेकार पड़े हैं अग्निशामक यंत्र
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Bokaro News : बोकारो जिला के सरकारी स्कूलों में अग्निशामक यंत्र बेकार पड़े हैं.