इस्पात मजदूरों के लिए सम्मानजनक वेतन समझौता, 39 माह का बकाया एरियर भुगतान, ग्रेच्युटी की कैपिंग हटाने, 40% ठेका मजदूरी की छंटनी पर रोक आदि मांगों को लेकर ट्रेड यूनियन संयुक्त मोर्चा की ओर से मंगलवार को पैदल मार्च निकाला गया. पैदल मार्च नया मोड़ से एडीएम भवन तक निकाला गया. इसके बाद सभा हुई. संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि मौजूदा केंद्र सरकार ने 29 श्रम कानूनों की जगह चार लेबर कोड लागू कर मजदूर वर्ग को ललकारा है. सेल प्रबंधन केंद्र सरकार के इशारे पर कर्मियों में भय का वातारण बना रहा है. इसका असर सीधा प्लांट के उत्पादन पर पड़ेगा. केंद्र सरकार की योजना सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योगों को निजी कंपनियों के हाथों में कौड़ी के भाव में बेचने की है. स्थायी नौकरी की बहाली लगभग बंद है. अभी तक सेल मजदूरों का वेतन समझौता लंबित है. 39 माह का एरियर प्रबंधन हड़पना चाहता है. ठेका मजदूरों पर जुल्म बढ़ता जा रहा है. न्यूनतम मजदूरी से वंचित रखा जा रहा है. अब 40% छंटनी की बात की जा रही है. केंद्र सरकार आक्रामक रूप से मजदूरों के अधिकारों पर हमला कर रही है. सभा को एटक के रामाश्रय प्रसाद सिंह, सत्येंद्र कुमार, सीटू के आरके गोरांई, एक्टू के देवदीप सिंह दिवाकर, यूटीयूसी के मोहन चौधरी, बोकारो कर्मचारी पंचायत के रमाकांत वर्मा ने संबोधित किया. अध्यक्षता राम आगर सिंह ने की. मौके पर दर्जनों मजदूर व अन्य लोग मौजूद थे.
छंटनी के आदेश के विरोध में हल्ला बोल
बीएसएल में 40% ठेका मजदूरों की छंटनी के आदेश के विरोध में मंगलवार को जय झारखंड मजदूर समाज की ओर से प्लांट के गोल चक्कर के पास हल्ला बोल कार्यक्रम किया गया. नेतृत्व करते हुए यूनियन महामंत्री बीके चौधरी ने कहा कि स्थानीय लोगों ने बोकारो स्टील प्लांट बनाने के लिए जमीन इसलिए नहीं दी थी कि भविष्य में उनके आश्रितों को रोजगार से हटा दिया जाये. प्लांट में 90% से अधिक ठेका मजदूर विस्थापित हैं. ठेका मजदूर पहले से ही आर्थिक व मानसिक रूप से शोषित होते रहे हैं. ठेकेदार इनके वेतन में से पैसा काटते रहे हैं. अब सेल प्रबंधन ने 40 प्रतिशत ठेका मजदूरों की छंटनी का आदेश दे दिया है. इसका दबाव मजदूरों व उत्पादन पर पड़ेगा. छंटनी का कारण स्पष्ट है. सरकार उत्पादन को गिरा कर पूंजीपति दोस्तों को यह प्लांट गिफ्ट करना चाहती है.
श्री चौधरी ने कहा कि झारखंड भगवान बिरसा मुंडा, चांद भैरव जैसे वीरों की धरती है. यह धरती दिशोम गुरु स्व शिबू सोरेन की है. यहां प्रबंधन की मनमानी नहीं चलने दी जायेगी. ठेका मजदूरों की छंटनी के आदेश को वापस लिया जाये. एसडब्ल्यू के पूरे परिवार का मुफ्त इलाज हो, मनीकट पर रोक लगे, यूएसडब्ल्यू को मोटरसाइकिल गेट पास मिले, प्रॉफिट लिंक रिवार्ड मिले. इन मांगों पर अमल नहीं हुआ तो चिमनी का धुंआ बंद करा दिया जायेगा.कार्यक्रम की अध्यक्षता संयुक्त महामंत्री एनके सिंह व संचालन संयुक्त महामंत्री अनिल कुमार ने किया. मौके पर अनिल कुमार, सीकेएस मुंडा, रोशन कुमार, आइ अहमद, बादल कोयरी, आरबी सिंह, रमा रवानी, राजेंद्र प्रसाद, अमोद कुमार, वीके साह, संतोष कुमार गुप्ता, आरआर सोरेन, आरएस टुडू, ओपी चौहान, रामेश्वर मांझी, दयाल मांझी, कार्तिक सिंह, मोहन मरांडी, चंद्रशेखर, मानिकचंद्र साह, देवेंद्र गोरांई व अन्य मौजूद थे.
