महिला कर्मचारियों की सुरक्षा है सर्वोपरि
बोकारो : बीएसएल के मानव संसाधन विकास केंद्र में कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम विषय कार्यशाला हुई. बीएसएल के सीइओ पवन कुमार सिंह ने कहा : कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की समस्या एक गंभीर विषय है. इसपर सभी को चिंतन करना चाहिए. अन्य संगठनों की तरह नियोक्ता के तौर पर बीएसएल भी कार्यस्थल पर […]
बोकारो : बीएसएल के मानव संसाधन विकास केंद्र में कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम विषय कार्यशाला हुई. बीएसएल के सीइओ पवन कुमार सिंह ने कहा : कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की समस्या एक गंभीर विषय है. इसपर सभी को चिंतन करना चाहिए. अन्य संगठनों की तरह नियोक्ता के तौर पर बीएसएल भी कार्यस्थल पर अपनी महिला कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और यौन उत्पीड़न जैसे अपराध से कड़ाई से निबटने के प्रति कटिबद्ध है.
श्री सिंह ने कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013 का उल्लेख करते हुए कहा : उक्त अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार, बीएसएल में आंतरिक शिकायत समिति भी गठित की गयी है, जो केवल एक जांच समिति के रूप में कार्य नहीं करती है, बल्कि इस विषय पर जागरूकता बढ़ाने की दिशा में भी कार्य कर रही है. उपमहाप्रबंधक (मानव संसाधन विकास) हरि मोहन झा ने कार्यक्रम के प्रयोजन से सभी को अवगत कराया.
प्रस्तुतीकरण के माध्यम से प्रतिभागियों को जानकारी : निदेशक प्रभारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं), डॉ एके सिंह, अधिशासी निदेशक (संकार्य) आरसी श्रीवास्तव, अधिशासी निदेशक (कार्मिक एवं प्रशासन) मुकुल प्रसाद, अधिशासी निदेशक (सामग्री प्रबंधन) वीके पांडेय, महाप्रबंधक प्रभारी (वित्त एवं लेखा) डीके साहा सहित संयंत्र के महाप्रबंधकगण उपस्थित थे. कार्यक्रम में मुख्य वक्ता ‘फुल सर्किल’ की संस्थापक सीइओ सुनीता थावानी ने एक प्रस्तुतीकरण के माध्यम से प्रतिभागियों को जानकारी दी.
महिला-पुरुष के लिए अलग-अलग सत्र : सीइओ सुनीता थावानी ने कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न, उसके रोकथाम, निषेध और निवारण के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी. इस तीन दिवसीय कार्यशाला में बीएसएल के उच्चाधिकारियों के अलावा महिला व पुरुष कर्मियों के लिए अलग- अलग सत्रों का आयोजन किया जा रहा है.
