चास :चास नगर निगम व विभिन्न संस्थानों की ओर से लगाये गये पौधे उचित देखभाल के बिना मुरझा रहे हैं. हालांकि बारिश के मौसम को देखते हुए सरकारी व गैर सरकारी स्तर पर विभिन्न जगहों पर हजारों पौधे लगाये गये. जल शक्ति अभियान के तहत निगम में भी पौधरोपण शुरू हुआ है. आइटीआइ मोड़ स्थित कृषि बाजार समिति के परिसर सहित अन्य जगहों पर पौधरोपण करवा रहा है.
पौधरोपण तो हो गया, पर बचायेगा कौन
चास :चास नगर निगम व विभिन्न संस्थानों की ओर से लगाये गये पौधे उचित देखभाल के बिना मुरझा रहे हैं. हालांकि बारिश के मौसम को देखते हुए सरकारी व गैर सरकारी स्तर पर विभिन्न जगहों पर हजारों पौधे लगाये गये. जल शक्ति अभियान के तहत निगम में भी पौधरोपण शुरू हुआ है. आइटीआइ मोड़ स्थित […]

मकसद के लिए यही काफी नहीं. देखरेख व सिंचाई की कोई व्यवस्था नहीं होने से पौधे सूख रहे हैं. एक तरह से इन पौधों की देखभाल प्रकृति के भरोसे है. सावन में भी कभी-कभार हो रही बारिश ही इन पौधों को सींच रही है. लगातार दस दिनों तक बारिश न हो तो इनको कोई भी नहीं बचा सकता है.
बादल पर भरोसा नहीं : सावन के बीतने में एक सप्ताह शेष रह गये. वर्षापात सामान्य से काफी कम है. कृषि विभाग के अनुसार जिला में इस समय तक कुल वर्षापात 954.90 मिमी तथा न्यूनतम सामान्य वर्षापात 286.80 मिमी होना चाहिए. रिपोर्ट के अनुसार तीन अगस्त तक औसत वर्षापात मात्र 158.42 मिमी है. पूरे सावन में सात-सात दिन पर हल्की बारिश हो रही है. कुछ घंटे बारिश होती भी है तो दूसरे दिन की तेज धूप पानी को सोख ले रही है. फलत: खेतों में लगी फसलों के साथ-साथ बागानों व विभिन्न स्थानों पर लगे पौधों पर भी इसकी मार पड़ रही है.
वन विभाग को लगाना है ढाई लाख पौधे : वन विभाग को चास-चंदनकियारी प्रमंडल क्षेत्र में इस सीजन में करीब ढाई लाख पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया है. इस बाबत रेंजर अजय कुमार ने कहा कि पौधरोपण के बाद सुरक्षा व सिंचाई का भी पूरा ख्याल रखा जा रहा है. सुरक्षा के लिए फेंसिंग की जा रही है तथा सिंचाई के काम में वनकर्मी लगाये गये हैं.
इसके अलावा पशु रक्षक दल भी नियुक्ति किये जाते हैं. कहा : चास-चंदनकियारी क्षेत्र की सरकारी भूमि पर अब तक डेढ़ लाख से अधिक पौधे लगा दिये गये हैं. उन्होंने लोगों से अपनी रैयती भूमि पर अपने खर्चे से पौधे लगाने व देखभाल करने की अपील की. कहा : विभाग भी सहयोग करने को तत्पर है.