चास : पुंडरु पंचायत स्थित स्वास्थ्य उपकेंद्र में डॉक्टर नहीं आने के कारण ग्रामीणों को तो स्वास्थ्य लाभ नहीं मिल रहा है साथ ही उपकेंद्र भी अब बदहाल स्थिति में पहुंच चुका है. एक एएनएम के भरोसे स्वास्थ्य उपकेंद्र को छोड़ दिया गया है. दिन भर ग्रामीणों के बीच रहकर एएनएम स्वास्थ्य लाभ दे रही हैं. इस कारण उपकेंद्र खुलता ही नहीं है. सात गांवों के 15 हजार लोगों को के लिये स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय झारखंड सरकार की ओर से वर्ष 2011-12 को पुंडरु पंचायत में 21 लाख रुपये की लागत से स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण कराया गया.
शिवराम शेखर ने बताया कि केंद्र कभी खुलता ही नहीं है. डॉक्टर आते ही नहीं. इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री से शिकायत की जायेगी. स्वास्थ्य उपकेंद्र पुंडरु कभी खुलता ही नहीं है. इस कारण उपकेंद्र परिसर में झाड़ियां उग आयी हैं. यहां दिनभर असामाजिक तत्वों को जमावड़ा लगा रहता है. इसके अलावा भवन की सभी खिड़कियां टूट चुकी हैं. भवन के अंदर जाने के लिये झाड़ियों से होकर गुजरना पड़ता है. इसके अलावा देखरेख के अभाव के कारण स्वास्थ्य उपकेंद्र अब मरणासन्न स्थिति में पहुंच चुका है.
विभाग की लापरवाही के कारण नहीं मिल रहा लाभ
स्वास्थ्य उपकेंद्र के लिए पुंडरु पंचायत के पूर्व मुखिया स्व अभय लाल शेखर बाबू ने अपनी रैयती जमीन लगभग सात डिसमिल दान कर दी. लेकिन अब दानकर्ता के वंशज जमीन देकर पछतावा कर रहे हैं. दानकर्ता पूर्व मुखिया के भतीजा सह चास प्रखंड बीस सूत्री सदस्य शिवराम शेखर ने बताया कि हमारे बड़े पिता ने जमीन दान की, ताकि यहां के गरीब व असहाय ग्रामीणों को स्वास्थ्य लाभ मिल सके. लेकिन स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण ग्रामीणों को आज तक सही तरीके से स्वास्थ्य सुविधा का लाभ नहीं मिल पाया है.
