बोकारो : यह नेताओं-जनप्रतिनिधियों का कोरा आश्वासन नहीं, बल्कि धरातल पर दिख रहा ठोस काम है. यह प्रयास छोटा ही, मगर असरदार है. बात हो रही है-इलेक्ट्रोस्टील स्टील्स लिमिटेड की ओर से नैगमिक सामाजिक उत्तरदायित्व यानी कॉरपोरेट सोशल रेस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के तहत चलाये जा रहे विविध कार्यक्रमों की.
21 गांवों में इलेक्ट्रोस्टील स्टील्स लिमिटेड की ओर से सीएसआर के तहत 10 सूत्री कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं. सामाजिक क्षेत्र, स्वास्थ्य, पेयजल, शिक्षा, आजीविका, महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण स्थिरता, खेल प्रसार, क्षमता व जागरूक निर्माण की दिशा में इलेक्ट्रोस्टील सीएसआर के तहत काम कर रहा है.
इलेक्ट्रोस्टील के सीएसआर का उद्देश्य
ईएसएल के सीएसआर कार्यक्रम का उद्देश्य आर्थिक तौर पर कमजोर ग्रामीणों के लिए एक न्यायसंगत समाज विकसित करना व वित्तीय प्रावधान के लाभ के साथ समुदाय को जोड़ना है. निर्णय लेने की प्रक्रिया में सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए एक सक्षम वातावरण बनाने के लिए जो पारस्परिक विश्वास के साथ समुदाय व उद्योग के लिए लाभ को बढ़ावा देता है. महिला समूह व ग्राम विकास समितियों के सदस्यों के साथ चर्चा के बाद योजनाएं तैयार की जाती हैं.
आजीविका व रोजगार कौशल को बढ़ावा देने के लिए 09 ईएसएल स्पेशल सिलाई केंद्र संचालित हैं. 665 छात्र इससे लाभांवित हुए. 221 वर्तमान में शिक्षा ट्रेनिंग ले रहे हैं. कंपनी की ओर से आयोजित सिलाई प्रतियोगिता में सफल 15 को सिलाई मशीन दी गयी है. भागबांध की महिला समूह द्वारा फेनील का वाणिज्यिक उत्पादन कर हर माह 20 हजार की कमाई की जा रही है. इसके अलावा रसोई गार्डेन, सब्जी, झाडू, मोमबती, पफ चावल, साबुन, दास्ताना, परिधान व धूप की छड़ी बनाने में कई महिला समूह काम कर रही हैं.
