Bokaro News : नागेश्वर महतो, पेटरवार. पेटरवार तथा आस-पास के क्षेत्रों में सोमवार की संध्या छह बजे से साढ़े नौ बजे तक लगातार साढ़े तीन घंटे बेमौसम मूसलाधार वृष्टि तेज गर्जन व हवा के साथ हुई, जिससे एक ओर गर्मी से लोगों को राहत तो मिली, लेकिन बारिश से प्रखंड के कृषि बहुल गांवों में लगी हुई ग्रीष्म कालीन सभी तरह की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है. प्रखंड के चरगी, कोह, बुंडू, दारिद, उत्तासारा, सदमाकला, ओरदाना, पतकी, उलगड्डा सहित विभिन्न पंचायतों के दर्जनों गांवों में लोगों की आजीविका का एक मात्र साधन कृषि है. किसान अब खरीफ व रबी फसलों सहित ग्रीष्म कालीन फसलों समेत साग-सब्जी का भी उत्पादन वैज्ञानिक तरीके से कर रहे हैं. बेमौसम बारिश से खेतों में पानी भर जाने से करैला, परवल, झींगी, भिंडी, खीरा, ककड़ी, तरबूज, टमाटर, बैगन, मकई, मिर्च, लौकी, बंध गोभी, फूल गोभी आदि फसलों को नुकसान पहुंचा है. आंधी-पानी से लत वाले पौधे टूट कर तहस-नहस हो गये हैं. फूल व फल टूट कर गिर गया. टमाटर, गोभी जैसे तैयार फसल बर्बाद हो गये. फसल बीमा के अभाव में किसानों की स्थिति बदतर होती जा रही है. तेज बारिश व हवा से आम के फसल काफी मात्रा में गिर कर बर्बाद हो गया. किसान ऊंचे दर पर बीज, खाद व कीटनाशक दवा खरीद कर खेती में प्रयोग करते हैं. जुताई -कोड़ाई व मजदूरी देकर खेती करते हैं, पर प्राकृतिक आपदाओं से जब फसल मारी जाती है तो किसानों की कमर टूट जाती है.
Bokaro News : पेटरवार क्षेत्र में मूसलाधार बारिश से फसलों को नुकसान
Bokaro News : खेती पर निर्भर क्षेत्र के किसानों में छायी मायूसी
