अब युवा भी हो रहे ब्रेन स्ट्रोक के शिकार: डॉ रॉय

बोकारो. अब 25 से 40 साल के युवा भी ब्रेन स्ट्रोक (मस्तिष्क घात) के शिकार होने लगे हैं. नशे की लत, बिगड़ती जीवन शैली व जागरूकता का अभाव इसका मुख्य वजह है. शरीर के किसी एक तरफ के हिस्से का लकवाग्रस्त होना, चेहरा टेढ़ा होना, हाथ-पैर में सुनापन, बोलने में दिक्कत, चक्कर व उल्टी ब्रेन […]

बोकारो. अब 25 से 40 साल के युवा भी ब्रेन स्ट्रोक (मस्तिष्क घात) के शिकार होने लगे हैं. नशे की लत, बिगड़ती जीवन शैली व जागरूकता का अभाव इसका मुख्य वजह है. शरीर के किसी एक तरफ के हिस्से का लकवाग्रस्त होना, चेहरा टेढ़ा होना, हाथ-पैर में सुनापन, बोलने में दिक्कत, चक्कर व उल्टी ब्रेन स्ट्रोक के लक्षण हैं. इस स्थिति में न्यूरोलॉजिस्ट की सलाह जरूरी है.

यह बातें बुधवार को ऑर्किड मेडिकल सेंटर, रांची के न्यूरोलोजिस्ट डॉ. उज्जवल रॉय ने बोकारो क्लब-सेक्टर पांच में पत्रकारों से बातचीत करते कही. कहा कि डॉ. उज्जवल रॉय लक्ष्मी मार्केट-सेक्टर 4 स्थित न्यू मयूर मेडिकल में महीने के दूसरे व चौथे रविवार को बैठेंगे.

पत्रकार सम्मेलन में ऑर्किड मेडिकल सेंटर-रांची के मेडिकल सुपरिटेंडेड डॉ. भुपेश चांदी भी उपस्थित थे. डॉ. भुपेश ने बताया कि झारखंड सरकार की बीपीएल योजना में भी यह अस्पताल सूचीबद्ध है.

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