लोगों को लगा कि इस रूट के रेलवे स्टेशनों के दिन अब बहुरेंगे. लेकिन, समय के साथ उम्मीद को झटका लगा. इस रूट और इसके स्टेशनों की किस्मत अंगड़ाई लेकर फिर सो गयी. बुधवार को प्रभात खबर ने इस रूट के इस्पात नगर रेलवे स्टेशन का जायजा लिया. स्टेशन के कर्मियों की माने तो जिस रफ्तार से इस स्टेशन की किस्मत बदलने की शुरुआत हुई थी, उससे तेज रफ्तार से काम बंद कराया गया.
टीटी लाइन: धनबाद-चंद्रपुरा रेल लाइन के बंद होने के बाद जगी थी उम्मीद, अंगड़ाई लेकर फिर सो गयी है इस्पात नगर स्टेशन की किस्मत
बोकारो: 15 जून को धनबाद-चंद्रपुरा रेल लाइन बंद होने के बाद तलगड़िया-तुपकाडीह (टीटी) रेलवे लाइन को विकल्प के तौर पर देखा गया. चार जोड़ी पैसेंजर-एक्सप्रेस ट्रेनों का परिचालन भी इस रूट से शुरू किया गया. इस रूट के सभी स्टेशनों का कायाकल्प करने की कवायद शुरू की गयी. रेलवे के आला अधिकारियों का तूफानी दौरा […]

बोकारो: 15 जून को धनबाद-चंद्रपुरा रेल लाइन बंद होने के बाद तलगड़िया-तुपकाडीह (टीटी) रेलवे लाइन को विकल्प के तौर पर देखा गया. चार जोड़ी पैसेंजर-एक्सप्रेस ट्रेनों का परिचालन भी इस रूट से शुरू किया गया. इस रूट के सभी स्टेशनों का कायाकल्प करने की कवायद शुरू की गयी. रेलवे के आला अधिकारियों का तूफानी दौरा भी इस रूट में हुआ.
कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी ने जतायी थी संभावना : डीसी लाइन बंद होने के बाद कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी ने टीटी रूट का दौरा किया था. इस्पात नगर रेलवे स्टेशन पहुंचने के बाद बोकारो के कई स्वयंसेवी संस्थाओं ने उनका स्वागत किया था. इस दौरान कमिश्नर ने कहा था कि इस स्टेशन से पैसेंजर ट्रेन का परिचालन संभव है. आने वाले कुछ दिनों में पैसेंजर ट्रेन का स्टॉपेज संभव हो सकेगा. फिलहाल इस रूट से रांची दुमका व पाटलिपुत्र एक्सप्रेस ट्रेन गुजर रही हैं. धनबाद-हटिया इंटर सिटी और वनांचल एक्सप्रेस का रूट बदल दिया गया है.
सांसद ले उड़े दो ट्रेन : इस्पात नगर स्टेशन पर पैसेंजर ट्रेन का ठहराव तो कभी नहीं हुआ, लेकिन चार जोड़ी ट्रेन गुजरते देखकरलोग खुद को तसल्ली देते थे. पर ऐसा करने का नसीब भी लोगों को ज्यादा दिन नहीं हुआ. इस्पात नगर स्टेशन के टेक्निशियन तीन सुभाष चंद्र महतो की माने तो परिचालन के दो माह के अंदर ही दो जोड़ी ट्रेनों का रूट टीटी लाइन से बदल कर महुदा रूट में कर दिया गया. धनबाद सांसद पीएन सिंह के कारण ऐसा हुआ. कोई भी राजनेता टीटी रूट में ट्रेनों के परिचालन को लेकर सजग नहीं है.
बोकारो शहर को होता फायदा
इस्पात नगर रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव से बोकारो शहर को फायदा होता. सेक्टर वासियों के लिए नजदीकी स्टेशन मात्र दो किमी की दूरी पर हो जाता. फिलहाल लोगों को बोकारो स्टील सिटी रेलवे स्टेशन जाना पड़ता है. यह आठ किमी की दूरी पर है. इस्पात नगर रेलवे स्टेशन के शुरू होने से सिर्फ बोकारो को ही नहीं, बल्कि डीसी लाइन के चंद्रपुरा, दुग्दा, कानुडीह व जमुनियाटांड़ भी लाभान्वित होते. दरअसल, इस्पात रेलवे स्टेशन सेक्टर नौ से चंद्रपुरा वाली सड़क पर स्थित है. यहां से चंद्रपुरा की दूरी मात्र छह किमी है. दुग्दा, कानुडीह व जमुनियाटांड़ भी 10-12 किमी की परिधि में है.
1990 में बना था स्टेशन, कार्यरत हैं 22 स्टाफ
इस्पात नगर रेलवे स्टेशन 1990 में बना था. निर्माण के बाद से अब तक यहां से पैसेंजर ट्रेन का परिचालन नहीं हुआ. स्थानीय लोग कई साल से पैसेंजर ट्रेन चलाने की मांग कर रहे थे. वर्तमान में इस्पात रेलवे स्टेशन पर 22 स्टाफ कार्यरत हैं. इनमें से चार एसएम हैं. तीन पीएम (ए) व 15 पीएम (बी) कर्मी कार्यरत हैं. इस्पात नगर से नजदीक का स्टेशन चास व एन केबिन है.
टीटी रूट को डबल लाइन करने का प्रस्ताव भेजा गया है. कुछ अन्य तकनीकी परेशानी भी हैं, जिसे दूर किया जा रहा है. डबल लाइन बनते ही पैसेंजर ट्रेन का परिचालन सुगम रूप से होगा. जहां तक दो जोड़ी ट्रेन का रूट बदलने की बात है, तो वह बोर्ड का निर्णय है.
एसके श्रीवास्तव, डीआरएम, आद्रा मंडल