कसमार : बेटी होने पर रखने से किया इनकार

कसमार. सरकार के बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा के बावजूद बेटी के प्रति लोगों का नजरिया नहीं बदल पा रहा है़ इसका ताजा उदाहरण दिखा कसमार प्रखंड के खैराचातर गांव में. यहां के सरकारी अस्पताल में सिंहपुर पंचायत के करमा निवासी सुरेश मांझी की पत्नी सुमित्रा देवी ने मंगलवार की शाम एक बच्ची को जन्म […]

कसमार. सरकार के बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा के बावजूद बेटी के प्रति लोगों का नजरिया नहीं बदल पा रहा है़ इसका ताजा उदाहरण दिखा कसमार प्रखंड के खैराचातर गांव में. यहां के सरकारी अस्पताल में सिंहपुर पंचायत के करमा निवासी सुरेश मांझी की पत्नी सुमित्रा देवी ने मंगलवार की शाम एक बच्ची को जन्म दिया. इसके बाद उसने बच्ची को अपनाने से इनकार कर दिया. उसकी पहले से तीन बेटियां हैं और चौथी संतान के रूप में पुन: बेटी होने पर दुखी है.

मामला कसमार प्रखंड की सिंहपुर पंचायत अंतर्गत करमा गांव का है़ जन्म लेने के कई घंटे तक नवजात बच्ची दूध के लिए भी तरसती रह गयी. मां का कहना था कि जब इस बच्ची को अपनायेंगे ही नहीं, तो दूध क्यों पिलायें. इसकी जानकारी मिलने पर कतिपय लोग अस्पताल पहुंचे तथा बच्ची को खैराचातर के एक दंपती को अवैध तरीके से गोद दिलाने की कोशिश में जुट गये, जिसे गोद दिलाने का प्रयास चल रहा था, वह सूरदास है़.

मामले की जानकारी मिलने पर ‘प्रभात खबर’ के कसमार प्रतिनिधि ने इसकी जानकारी सीडब्ल्यूसी, बोकारो तथा स्थानीय पुलिस को दी़ प्रभात खबर प्रतिनिधि के प्रयास से ही बच्ची को दूध पिलाने को मां तैयार हुई़ मामला उच्च अधिकारियों के पास भी पहुंचा़ इसके बाद बच्ची को गलत तरीके से गोद दिलाने की की कोशिश नाकाम हुई और उक्त दंपती बच्ची को लेकर घर पहुंचा. हालांकि चर्चा है कि बच्ची के दूध छोड़ने पर बच्ची को उसके चाचा अपना लेंगे.

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