वारंटी के घर में छिपे थे योगेंद्र साव

रांची : पूर्व कृषि मंत्री व विधायक योगेंद्र साव दिल्ली में जिस पन्ना लाल महतो के घर में छिपे हुए थे, उस पन्ना लाल की तलाश खूंटी पुलिस को है. खूंटी के महिला थाना में दर्ज चार मामलों में पुलिस के पास पन्ना लाल का गिरफ्तारी वारंट है. दो सितंबर को भी खूंटी के एंटी […]

रांची : पूर्व कृषि मंत्री व विधायक योगेंद्र साव दिल्ली में जिस पन्ना लाल महतो के घर में छिपे हुए थे, उस पन्ना लाल की तलाश खूंटी पुलिस को है. खूंटी के महिला थाना में दर्ज चार मामलों में पुलिस के पास पन्ना लाल का गिरफ्तारी वारंट है.
दो सितंबर को भी खूंटी के एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग व बाल मित्र थाना में पन्ना लाल, उसकी पत्नी सुनीता देवी, गायत्री देवी, फूलन और सुमन कुमारी के खिलाफ प्राथमिकी (15/2014) दर्ज की गयी थी. प्राथमिकी में मुरहू के बांधे गांव की एक सातवीं कक्षा की छात्रा का अपहरण कर उसे गायब करने के आरोप है. प्राथमिकी भादवि की धारा 363, 370, 371, 372, 323 व 34 के तहत दर्ज की गयी है.
* करोड़ों का मालिक है पन्ना लाल
मानव तस्करी का आरोपी पन्ना लाल करोड़ों रुपये की संपत्ति का मालिक है. साथ ही माता डेवलपर्स एंड कंस्ट्रक्शन का मालिक भी है. पन्ना लाल का अरगोड़ा चौक पर ढाई-तीन एकड़ का प्लॉट है. दिल्ली में मकान है. पैसे और अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर वह मानव तस्करी के मामलों में पुलिस से बचता रहा है. करीब दो साल पहले भी पुलिस ने उसके दिल्ली स्थित आवास पर छापा मार कर कई बच्चों को मुक्त कराया था. वहां वह प्लेसमेंट एजेंसी के नाम पर मानव तस्करी का धंधा चलाता है.
* पुलिस ने नहीं पकड़ा पन्ना लाल को
सीआइडी, हजारीबाग पुलिस व दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम ने पन्ना लाल के घर में छापामारी कर विधायक योगेंद्र साव को शनिवार की रात गिरफ्तार किया, लेकिन पन्ना लाल को छोड़ दिया. सूचना है कि योगेंद्र साव को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने पन्ना लाल से भी पूछताछ की थी. इस दौरान खूंटी में उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने की जानकारी पुलिस को दी गयी थी. लेकिन पुलिस ने उसे गिरफ्तार नहीं किया.
* सीआइडी ने बदली लटकानेवाली धारणा
पूर्व कृषि मंत्री योगेंद्र साव को गिरफ्तार कर सीआइडी के अधिकारियों ने सीआइडी के प्रति वर्षों से बनी धारणा को बदल दिया है. किसी भी मामले की सीआइडी जांच होने का मतलब यह समझा जाता था कि मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है. जांच का काम लंबा चलेगा और आरोपियों को इसका लाभ मिलेगा. प्रभावशाली लोगों के आरोपी बनने पर अक्सर इस फॉर्मूले का इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन योगेंद्र साव के मामले में यह फॉर्मूला सटीक नहीं बैठा.
जांच का जिम्मा संभालने के 12 दिन के बाद ही सीआइडी एएसपी अनुरंजन केस्पोट्टा और उनकी टीम ने हजारीबाग पुलिस और दिल्ली क्राइम ब्रांच के अफसरों के साथ मिल कर पूर्व मंत्री को गिरफ्तार कर लिया. सीआइडी की टीम द्वारा मामले में तेज कार्रवाई करने की एक वजह यह भी रही कि हजारीबाग पुलिस का अनुसंधान सही था. जांच का जिम्मा मिलने के बाद सीआइडी के अधिकारियों ने उसी दिशा में कार्रवाई शुरू की, जिस दिशा में हजारीबाग पुलिस कर रही थी.
– फैक्ट फाइल
* 20 सितंबर : मुख्यमंत्री ने मामले की सीआइडी जांच का आदेश दिया.
* 22 सितंबर: पुलिस मुख्यालय ने सीआइडी को जांच का आदेश दिया.
* 23 सितंबर : एडीजी सीआइडी ने एएसपी अनुरंजन केस्पोट्टा को हजारीबाग भेजा. एएसपी ने मामले का अनुसंधान अपने हाथ में लेकर कार्रवाई शुरू की.
* 04 अक्तूबर: सीआइडी और केरेडारी पुलिस ने दिल्ली पुलिस की मदद से पूर्व मंत्री को गिरफ्तार किया.
– पांच मामलों में चार्जशीटेड हैं योगेंद्र साव
राज्य के पूर्व कृषि मंत्री योगेंद्र साव पांच आपराधिक मामलों में चार्जशीटेड हैं. इसमें हजारीबाग के केरेडारी थाना में दर्ज तीन मामले और गिद्दी व बड़कागांव थाना में दर्ज एक-एक मामला शामिल है. जिन मामलों में पुलिस ने पूर्व मंत्री के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल किया है, उसमें बड़कागांव बीडीओ के साथ मारपीट करने, एनटीपीसी के जीएम के साथ मारपीट करने, पुलिस पर हमला कर पुलिसकर्मियों को जख्मी करने का आरोप है. गिद्दी थाना कांड संख्या-55/2011 में योगेंद्र साव पर पांच लाख रुपया रंगदारी मांगने का आरोप है.
रामगढ़ स्पंज आयरन प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी के प्रबंधक विरेंद्र प्रसाद राय ने 28 अगस्त 2011 को यह प्राथमिकी दर्ज करायी थी. इसमें योगेंद्र साव और रंधीर गुप्ता को नामजद अभियुक्त बनाया गया था. दोनों पर पांच लाख रुपये रंगदारी मांगने का आरोप था. सुपरविजन रिपोर्ट में दोनों अभियुक्तों के खिलाफ आरोप सही पाया गया. इसके बाद पुलिस ने 31 जनवरी 2011 को दोनों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट (67/2011) दाखिल की. रामगढ़ स्पंज आयरन प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंधक वीरेंद्र प्रसाद राय से पांच लाख रुपये रंगदारी मांगने से जुड़े मुकदमे में अभियोजन पक्ष की गवाही पूरी हो चुकी है. अभियुक्तों के बयान भी दर्ज किये जा चुके हैं. बचाव पक्ष की ओर से गवाहों का बयान दर्ज कराया जाना बाकी है.
– इन मामलों में दाखिल है चार्जशीट
थाना-कांड संख्या आरोप
केरेडारी-55/2010 एनटीपीसी के जीएम के साथ मारपीट का आरोप.
केरेडारी-04/2011 बड़कागांव बीडीओ के साथ मारपीट का आरोप.
केरेडारी-33/2012 पुलिस पर हमला कर जख्मी करना.
गिद्दी-55/2011 विरेंद्र प्रसाद राय से रंगदारी मांगने का आरोप
बड़कागांव-85/2007 पुलिस पर हमला करने का आरोप.
* सावना के पड़ोसी बने साव
पूर्व मंत्री योगेंद्र साव कांग्रेस के पूर्व विधायक एवं आरोपी सावना लकड़ा के पड़ोसी बन गये हैं. वर्तमान में ये दोनों रिम्स के कॉटेज में अगल-बगल के कमरे में इलाज करा रहे हैं. सावना कॉटेज के कमरा संख्या 13 में भरती हैं और योगेंद्र साव कमरा संख्या 14 में भरती हैं. सावना लकड़ा का इलाज रिम्स के सर्जरी विभाग के चिकित्सक डॉ आरजी बाखला की देखरेख में चल रहा है. वह रिम्स में काफी दिनों से भरती हैं.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >