छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने मंगलवार को प्रेस वार्ता कर कहा कि JSSC CGL समेत TDPL द्वारा आयोजित 14 परीक्षाओं को रद्द किया जाना छात्रों के संघर्ष की पहली बड़ी जीत है. उन्होंने कहा कि 2 जुलाई से शुरू हुई लड़ाई, 21 जुलाई से CID जांच, भूख हड़ताल, तिरंगा यात्रा, मशाल जुलूस और विधानसभा घेराव के बाद सरकार ने 17 अगस्त को परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया.
“ऐतिहासिक जीत के बाद भी संघर्ष जारी”
देवेंद्र नाथ महतो ने कहा, “यह छात्रों की ऐतिहासिक जीत है.” उन्होंने आंदोलन में समर्थन देने वाले छात्र-छात्राओं, प्रेस, प्रशासन, मेडिकल टीम और अन्य लोगों का आभार जताया. साथ ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भी धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि आंदोलन का पहला चरण पूरा हुआ है, लेकिन संघर्ष खत्म नहीं हुआ है. अब आंदोलन का दूसरा चरण परीक्षा व्यवस्था में स्थायी सुधार और सरकार से गारंटी लेने के लिए होगा, ताकि भविष्य में किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में धांधली न हो और आने वाली पीढ़ियों को इसका खामियाजा न भुगतना पड़े.
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परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए निगरानी कमेटी की मांग
देवेंद्र नाथ महतो ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए एक निगरानी कमेटी गठित करने की मांग की. उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर विधानसभा में कानून बनाया जाए और संविधान में संशोधन करना पड़े तो वह भी किया जाए, लेकिन परीक्षा व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और मजबूत बनाया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि केवल परीक्षा रद्द करने और जांच कराने से छात्रों की समस्याओं का समाधान नहीं होगा. उनके मुताबिक, छात्रों को ऐसी व्यवस्था चाहिए, जिसमें सरकार यह गारंटी दे कि भविष्य में परीक्षा में किसी प्रकार की धांधली नहीं होगी.
आंदोलन जारी, परीक्षा सुधार की गारंटी जरूरी
देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि उनका भूख हड़ताल खत्म हुआ है, लेकिन आंदोलन समाप्त नहीं हुआ है. उन्होंने कहा कि CBI जांच हो या SIT जांच, छात्र जिस जांच की मांग करेंगे, उनका मंच छात्रों के साथ खड़ा रहेगा. उन्होंने कहा कि पहले भी कई जांच देखी गई हैं, लेकिन अब उनकी प्राथमिकता परीक्षा व्यवस्था में स्थायी सुधार की गारंटी है.उन्होंने कहा, “हमें किसी जांच से ज्यादा खुशी नहीं है. हमें गारंटी चाहिए कि भविष्य में कोई धांधली न हो.”
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