रांची : अपर न्यायायुक्त दिवाकर पांडेय की अदालत ने नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में दो अभियुक्तों बली मुंडा व शंकर लोहरा को 20-20 वर्ष की सजा सुनायी है. उन पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है. जुर्माना नहीं देने पर चार वर्ष की अतिरिक्त सजा काटनी होगी. जुर्माना की राशि पीड़िता को दी जायेगी.
यह घटना 10 दिसंबर 2016 को तमाड़ थाना क्षेत्र के जोजोडीह गांव की एक नाबालिग के साथ घटी थी. शौच के लिए निकली नाबालिग का मुंह दबा कर बली मुंडा व शंकर लोहरा जंगल की ओर ले गये थे.
वहां इन लोगों ने नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और फिर उसे बेहोश हो जाने पर मृत समझ कर भाग गये. दूसरे दिन नाबालिग के माता-पिता ने खोजबीन शुरू की, तो उन्हें पता चला कि नाबालिग जंगल में पड़ी हुई है.
माता-पिता वहां पहुंचे और नाबालिग को उठा कर लाया. इस संबंध में तमाड़ थाना में सामूहिक दुष्कर्म व पोक्सो एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. तमाड़ पुलिस ने नाबालिग को मेडिकल जांच के लिए भेजा और दोनों युवकों को गिरफ्तार जेल
भेज दिया़
