तमाड़ के पूर्व विधायक रमेश सिंह मुंडा की हत्या के बाद बारूहाता में रुके थे नक्सली

रांची : तमाड़ के तत्कालीन विधायक रमेश सिंह मुंडा हत्याकांड में एनआइए के गवाह नक्सली राममोहन सिंह मुंडा की गवाही (प्रति परीक्षण) समाप्त हो गयी. शुक्रवार को कुख्यात नक्सली कुंदन पाहन की आंशिक गवाही दर्ज हुई. राम मोहन सिंह मुंडा ने पूछे गये सवालों के जवाब में कहा कि नक्सली कुंदन पाहन के भाई श्याम […]

रांची : तमाड़ के तत्कालीन विधायक रमेश सिंह मुंडा हत्याकांड में एनआइए के गवाह नक्सली राममोहन सिंह मुंडा की गवाही (प्रति परीक्षण) समाप्त हो गयी. शुक्रवार को कुख्यात नक्सली कुंदन पाहन की आंशिक गवाही दर्ज हुई. राम मोहन सिंह मुंडा ने पूछे गये सवालों के जवाब में कहा कि नक्सली कुंदन पाहन के भाई श्याम पाहन के कहने पर पार्टी में शामिल हुआ था.
सबसे पहले 2006 में हत्या से संबंधित मामले में जेल गया था. बुंडू में विधायक रमेश सिंह मुंडा की हत्या के बाद बारूहाता गांव में बिंदू देवी के घर पर रुके. हत्या के बाद बलराम साहू एके 47 के साथ आया था. उसके साथ सुरक्षाकर्मी से लूटी गयी एक अौर एके 47 राइफल थी. सभी लोग गाड़ी में बैठ कर मताड़ी पहाड़ी की अोर गये. उसके बाद पुलिस के डर से तीन दिनों तक बारीगढ़ा गांव में रहे.
राम मोहन सिंह मुंडा ने यह भी कहा कि बुंडू, सोनाहातू, सिल्ली, नामकुम सहित अन्य थाना में उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हुए हैं. इसी मामले में आरोपी सुशील दांगिल उर्फ कृषि दांगिल की अोर से कोर्ट में जुवेनाइल घोषित करने से संबंधित आवेदन दिया गया. जिसका विरोध एनआइए की अोर से किया गया.

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