रांची : चतरा का हंटरगंज निवासी युवराज सिंह ने अपने दादा के रिटायरमेंट में मिले पैसे हासिल करने को लिए खुद ही अपहरण की कहानी रची थी. इस बात की जानकारी पुलिस को जांच के दौरान मिली है. इसके लिए उसने अपने दोस्त शंकर तिवारी का सहयोग लिया था. वह अपनी मर्जी से अपहरण की कहानी रचने के लिए हाजीपुर गया था.
लेकिन हाजीपुर पहुंचने के बाद वह ट्रैप हो गया और अपहरणकर्ताओं के चंगुल में फंस गया. एक सीनियर आइपीएस अधिकारी के अनुसार अपहरण की घटना में शामिल एक युवक का लिंक पूर्व में चंदन सोनार से रहा था. मामले में कहीं चंदन सोनार की संलिप्तता तो नहीं. पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है.
इससे पहले युवराज सिंह के अपहरण व 40 लाख रुपये की फिरौती मांगने के आरोप में उसके परिजनों ने लालपुर थाना में 28 अगस्त को प्राथमिकी दर्ज करायी थी. प्राथमिकी के आधार पर रांची पुलिस की टीम ने हाजीपुर के विभिन्न स्थानों में छापेमारी कर चार युवकों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार युवकों में हाजीपुर का शंकर तिवारी, प्रतीक तिवारी, अर्जुन सिंह चंद्रवंशी और हाजीपुर का जौहरी बाजार निवासी काशी राय शामिल हैं.
सभी को जेल भेज दिया गया है. गिरफ्तार लोगों ने अपहरण व फिरौती की बात स्वीकार ली है. पुलिस की टीम उन्हें लेकर शुक्रवार को रांची पहुंच चुकी है. अपहरण में अन्य लोग भी शामिल हैं. उनकी तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है, ताकि युवराज को अपहरणकर्ताओं की चंगुल से बरामद किया जा सके. आरोपी शंकर तिवारी, युवराज सिंह का पहले से मित्र है. वह युवराज सिंह के साथ धुर्वा में क्रिकेट की कोचिंग भी करता था.
अपहरण के आरोप में दोस्त सहित चार युवक हाजीपुर से गिरफ्तार
युवराज सिंह हंटरगंज से रांची पढ़ने के लिए आया था. वह पूर्व में धुर्वा थाना क्षेत्र में किराये के मकान में रहकर योगदा सत्संग कॉलेज से इंटर कर रहा था. वह धुर्वा में ही क्रिकेट की कोचिंग करता था. इसी दौरान उसकी मुलाकात वहां कोचिंग करनेवाले एक अन्य युवक शंकर तिवारी से हुई थी. कुछ माह पूर्व युवराज सिंह लालपुर थाना क्षेत्र के नगड़ा टोली स्थित शंकर लॉज में आकर रहने लगा था.
वह एक दिन लॉज से निकलने के बाद अचानक लापता हो गया. जब उसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिली, तब परिजनों ने उसके अपहरण को लेकर 28 अगस्त को लालपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी. जब पुलिस ने युवराज सिंह की तलाश शुरू की, तब शुरू में उसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिली.
इस बीच परिजनों से दो अलग-अलग मोबाइल नंबर से फोन कर फिरौती के रूप में 40 लाख रुपये फिरौती मांगी गयी. तत्काल ही परिजनों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी. तब मामले को एसएसपी ने गंभीरता से लिया और लालपुर थाना प्रभारी रमोद कुमार सिंह के नेतृत्व में टीम गठित कर छापेमारी के लिए हाजीपुर भेजा.
