12 मई को शादी में घर आया था कुंदन, परिजन बोले : क्या पता था आखिरी मुलाकात है
पलामू : 15 मई की बात है. कुंदन कुमार सिंह छुट्टी समाप्त होने के बाद ड्यूटी पर जा रहे थे. सबसे खुशी से मिले, बात की. 12 मई को कुंदन सिंह की चचेरी बहन की शादी थी. उसी शादी में भाग लेने कुंदन अपने पैतृक गांव हुसैनाबाद थाना क्षेत्र के गम्हरबीगहा आये थे, पर घरवालों को क्या पता कि यह कुंदन से आखिरी मुलाकात है. इसके बाद कुंदन वापस नहीं लौटेंगे. कुंदन द्वारा कही गयी बातों को याद कर घरवाले दहाड़ मारकर रो रहे हैं. पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा है. पिता सुरेश सिंह के आंसू सूखने का नाम नहीं ले रहा है.
लेकिन बातचीत में वह कहते हैं पुत्र के जाने का दुख है. लेकिन गर्व इस बात को लेकर है कि पुत्र की जान देश के लिए गयी है. कुंदन कुमार सिंह झारखंड जगुआर पुलिस के जवान थे. 2014 में कुंदन पुलिस बल में नियुक्ति हुई थी. 2018 में कुंदन को झारखंड जगुआर की टीम में शामिल किया गया था. जगुआर टीम के साथ कुंदन बूढ़ा पहाड़ में नक्सलियों के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान में शामिल हुए थे. बारूदी सुरंग विस्फोट में कुंदन शहीद हो गये. जैसे ही यह खबर शहीद कुंदन कुमार के घर पहुंची न सिर्फ घर, बल्कि पूरे गांव में मातम पसर गया.
