एक सप्ताह पहले अंतिम बार शहीद अजय कुजूर से उसकी पत्नी सरिता से बात हुई थी

गुमला : गुमला जिले में वीर सपूतों की कमी नहीं है, जो लगातार अपने अदम्य साहय का परिचय देकर गुमला का नाम देश के मानचित्र में स्थापित करते रहे हैं. अपनी गुमला की मिट्टी वीर शहीदों की भूमि रही है. गुमला का नाम कहने से ही शहीदों के कारण सीना चौड़ा हो जाता है. आज […]

गुमला : गुमला जिले में वीर सपूतों की कमी नहीं है, जो लगातार अपने अदम्य साहय का परिचय देकर गुमला का नाम देश के मानचित्र में स्थापित करते रहे हैं. अपनी गुमला की मिट्टी वीर शहीदों की भूमि रही है. गुमला का नाम कहने से ही शहीदों के कारण सीना चौड़ा हो जाता है. आज अपनी माटी का लाल बसिया प्रखंड के लुंगटू चापाटोली गांव का आइआरबी का जवान अजय कुजूर (उम्र 28 वर्ष) शहीद हुआ है. लातेहार जिला के बूढ़ा पहाड़ में अजय शहीद हुआ है.

अजय की शहादत सुन कर पत्नी और परिजनों की आंखे नम जरूर है. लेकिन उन्हें फक्र है अजय देश के लिए शहीद हुआ है. पत्नी सरिता कुजूर बताया कि बीते 20 जून को एक रात के लिए अजय अपने ससुराल सेन्हा नवाटोली आया था. उस समय उसने कहा था कि मैं जल्द लौटूंगा. अभी मैं जंगल की डयूटी में हूं. इसके बाद जो वह गया, तो फिर उसकी शहादत की सूचना घर वालों को मिली. शहीद के पिता दुबा कुजूर रेलवे से रिटायर्ड कर्मचारी हैं. मां मांगी कुजूर गृहिणी है. मांगी कुजूर ने बताया कि बुधवार दिन के 10.30 बजे गुमला में रहने वाली मुनी देवी ने फोन कर लुंगटू गांव के बलवीर को बताया कि अजय शहीद हो गया है. मां ने कहा कि मुझे अपने बेटे पर गर्व है.

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