लोकसभा चुनाव से पहले गढ़वा में पुलिस को बड़ी कामयाबी, कई हथियार जब्त, 3 गिरफ्तार

लोकसभा चुनाव से पहले गढ़वा में पुलिस ने छापेमारी कर कई हथियार जब्त किए हैं. बताया जा रहा है कि इनका इस्तेमाल लोकसभा चुनाव के दौरान वोटर को प्रभावित करने के लिए होना था.

लोकसभा चुनाव से पहले गढ़वा पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है. पुलिस ने कई हथियार बरामद किए हैं. इस सिलसिले में 3 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है. एसपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके यह जानकारी दी है.

गुप्त सूचना के आधार पर गढ़वा पुलिस ने की कार्रवाई

गढ़वा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) दीपक कुमार पांडेय ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में 4 देसी कट्टे, 7.65 एमएम की 3 सेमी ऑटोमेटिक पिस्टल, 2 मैगजीन, 7.65 एमएम के 7 कारतूस एवं .315 एमएम के 2 खोखे बरामद किए गए हैं. इस सिलसिले में 3 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है.

गिरफ्तार 3 लोगों की उम्र 25 से 45 वर्ष के बीच

गिरफ्तार किए गए तीनों लोगों की उम्र 25 से 45 वर्ष के बीच है. तीनों गढ़वा जिले के ही रहने वाले हैं. इसमें एक का पुराना आपराधिक इतिहास है. वह जेल भी जा चुका है. जिन लोगों के गिरफ्तार किया गया है, उनके नाम शुभम पासवान (28), राकेश चौधरी (25) और पप्पू चौधरी (45) हैं.

5 बजे गढ़वा के एसपी को मिली गुप्त सूचना

एसपी ने बताया कि सोमवार (25 मार्च) को ही सुबह 5 बजे गुप्त सूचना मिली थी कि हूर गांव में रहने वाले सुनील पासवान के पुत्र शुभम पासवान (28) ने कुछ हथियार छिपाकर रखे हैं. लोकसभा चुनाव के दौरान मतदाताओं को डराने-धमकाने में इनका इस्तेमाल किया जा सकता है.

Also Read : रांची के मेन रोड में गढ़वा के कुख्यात अपराधी छोटू रंगसाज की दिनदहाड़े हत्या, पलामू के अपराधियों ने मारी गोली

एसपी ने थाना प्रभारी को छापेमारी के लिए भेजा हूर

सूचना मिलते ही एसपी ने पुलिस निरीक्षक सह गढ़वा के थाना प्रभारी को सूचना के सत्यापन एवं छापेमारी के लिए एक टीम को हूर गांव भेजा गया. छापेमारी में शुभम पासवान के घर में बिस्तर के नीचे छिपाकर रखे गए कई हथियार पुलिस को मिले.

ये हथियार हुए बरामद

पुलिस ने बताया कि बिस्तर के नीचे 4 देसी कट्टा केसाथ-साथ 7.65 एमएम के 3 सेमी ऑटोमेटिक पिस्टल, 2 मैगजीन और 7.65 एमएम के 7 कारतूस बरामद हुए. इसके अलावा .315 एमएम के दो खोखे भी बरामद हुए.

शुभम ने बताया- मालिक सतेंद्र चौबे के हैं सभी हथियार

पूछताछ में शुभम पासवान ने बताया कि ये सभी हथियार उनके मालिक सतेंद्र चौबे के हैं. एक अन्य राइफल उसके दोस्त राकेश चौधरी के घर में छिपाकर रखा है. पुलिस की टीम ने राकेश चौधरी के घर से वह राइफल बरामद कर लिया है.

Also Read : कौन था छोटू रंगसाज, जिसकी रांची में अपराधियों ने दिनदहाड़े गोली मारकर कर दी हत्या

पप्पू की गिरफ्तारी के बाद सतेंद्र ने शुभम को दे दिए हथियार

इन लोगों ने पुलिस को यह भी बताया कि सभी हथियार सतेंद्र चौबे ने खरीदे थे. जैसे ही पप्पू चौधरी की गिरफ्तारी हुई, सतेंद्र चौबे ने डरकर अपने हथियार शुभम पासवान को छिपाकर रखने के लिए दे दिए.

बोल्ड एक्शन राइफल से सतेंद्र चौधरी ने शादी में की थी फायरिंग

शुभम पासवान ने पुलिस को यह भी बताया कि .315 एमएम के बोल्ड एक्शन राइफल से सतेंद्र चौधरी की शादी में सतेंद्र चौधरी ने फायरिंग भी की थी. उसी के ये दोनों खोखे हैं. इसके बाद पुलिस ने पप्पू चौधरी को फिर से गिरफ्तार कर लिया. पप्पू चौधरी ने स्वीकार किया कि जेल जाने से पहले सतेंद्र चौबे ने ये भी हथियार बेचे हैं. इसके पैसे भी अब तक उसे नहीं मिले हैं.

पुलिस ने इन 3 लोगों को किया गिरफ्तार

पुलिस ने शहीद टोला हूर गांव के सुनील पासवान के पुत्र शुभम पासवान, इसी गांव के बिहारी चौधरी के बेटे राकेश चौधरी और नवादा गांव के मोती चौधरी के बेटे पप्पू चौधरी के खिलाफ गढ़वा थाना में केस दर्ज कर लिया है.

Also Read : गढ़वा में प्रेमिका से दुष्कर्म कर उसकी हत्या करने वाला गिरफ्तार

पप्पू चौधरी के खिलाफ दर्ज हैं कम से कम 4 मुकदमे

एसपी ने बताया कि पप्पू चौधरी के खिलाफ गढ़वा थाने में अलग-अलग धाराओं में कम से कम 4 मुकदमे दर्ज हैं. उन्होंने बताया कि छापामारी दल में 10 पुलिस पदाधिकारी एवं कर्मी शामिल थे.

छापेमारी टीम में शामिल पुलिस पदाधिकारी एवं कर्मी

  • कृष्ण कुमार साहू, पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी, गढ़वा
  • पुलिस अवर निरीक्षक सुभाष कुमार पासवान
  • पुलिस अवर निरीक्षक सुबोध बड़ाइक
  • सहायक अवर निरीक्षक अभिमन्यु कुमार सिंह
  • गृह रक्षक चालक उपेंद्र शुक्ला
  • आरक्षी अभय कुमार सिंह
  • आरक्षी देवकुमार उरांव
  • आरक्षी विनय रजक
  • आरक्षी विक्रम सिंह
  • आरक्षी राकेश कुमार सिंह

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >