सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) ने अवैध और असुरक्षित इमारतों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है. इसी अभियान के तहत ईस्ट दिल्ली के लक्ष्मी नगर और पांडव नगर में अवैध निर्माण पर तोड़फोड़ की गई. लक्ष्मी नगर के D-ब्लॉक में एक इमारत की बिना मंजूरी बनी चौथी मंजिल को गिराने की कार्रवाई की गई.
लक्ष्मी नगर सहित अन्य इलाकों में भी कार्रवाई
MCD का यह अभियान सिर्फ लक्ष्मी नगर तक सीमित नहीं है. उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक पिछले कुछ दिनों में जगतपुरी, पांडव नगर, विश्वास नगर, मुखर्जी नगर, जामिया नगर, शाहीन बाग, तिलक नगर, करमपुरा, करोल बाग, रमेश नगर, मानसरोवर गार्डन, चांदनी चौक और नेहरू विहार में भी अवैध निर्माण या नियमों का उल्लंघन करने वाली इमारतों पर कार्रवाई की गई है.
इसके अलावा बिंदापुर और नेहरू विहार में निर्माणाधीन इमारतों पर भी MCD की कार्रवाई हुई है. सत्य निकेतन में हादसे वाली इमारत के पास मौजूद एक ऐसी इमारत, जिसे खतरनाक घोषित किया गया था, उसे भी नियंत्रित तरीके से गिराने की कार्रवाई शुरू की गई है.
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1 जून से अब तक 1,053 कार्रवाई
MCD के डेली एनफोर्समेंट और डिविजन रिकॉर्ड के मुताबिक, 1 जून से 9 सितंबर 2026 के बीच दिल्ली में 1,053 तोड़फोड़ की कार्रवाई की गई. इस दौरान 491 संपत्तियों को सील किया गया. इसके अलावा 2,316 कारण बताओ नोटिस (Show-Cause Notice) और 757 तोड़फोड़ नोटिस जारी किए गए.
3 दिनों में 1,252 PG इमारतों का सर्वे
सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD ने PG और दूसरी रिहायशी इमारतों की सुरक्षा जांच भी शुरू की. 7 से 9 सितंबर के बीच 1,252 PG इमारतों का सर्वे किया गया. MCD अधिकारियों के मुताबिक, सर्वे में 3 इमारतों में सुरक्षा से जुड़ी गंभीर खामियां मिलीं. वहीं 9 इमारतों में बड़े स्तर पर मरम्मत की जरूरत बताई गई, जबकि 39 इमारतों में छोटी-मोटी मरम्मत की आवश्यकता पाई गई.
