Covid-19 : दिल्ली सरकार ने रैपिड एंटीजेन टेस्ट के जरिये शुरू की जांच

दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में निरूद्ध क्षेत्रों के आसपास स्थित केन्द्रों में बृहस्पतिवार को रैपिड एंटीजेन पद्धति के जरिये कोविड-19 के लिए जांच शुरू की.

नयी दिल्ली : दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में निरूद्ध क्षेत्रों के आसपास स्थित केन्द्रों में बृहस्पतिवार को रैपिड एंटीजेन पद्धति के जरिये कोविड-19 के लिए जांच शुरू की. एक अधिकारी ने बताया कि एंटीजेन जांच में कुल 341 टीम शामिल हैं और इस जांच से 30 मिनट के भीतर रिपोर्ट मिल जायेगी. उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘आज दिल्ली में 193 केंद्रों पर रैपिड ऐंटीजेन जांच हुई. इनमें कुल 7040 लोगों की कोरोना जांच हुई जिसमें से 456 लोग संक्रमित पाए गए.”

उन्होंने बताया कि शुरूआती चरण में निरूद्ध क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की जांच की जा रही है. दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने बताया कि एम्स और भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) से मंजूरी के बाद विभिन्न केंद्रों पर जांच करने वालों को एक प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा. केन्द्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा कि केन्द्र की योजना इन जांच केन्द्रों में छह लाख रैपिड एंटीजन कोविड-19 जांच करने की है. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया, ‘‘आज दो महत्वपूर्ण बातें हुई. दिल्ली में कोविड-19 की जांच की दरों को घटाकर 2,400 रुपये कर दिया गया है और रैपिड-एंटीजेन जांच शुरू हो गई है.

मुझे उम्मीद है कि लोगों को अब जांच कराने में किसी समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा.” एक अन्य अधिकारी ने बताया कि कई केन्द्रों पर सुबह नौ बजे से जांच शुरू हो गई थी. ऐसे लोग जिनमें हल्के लक्षण हैं या लक्षण नहीं है, वे अपनी जांच करवा सकते हैं. दक्षिणपूर्व दिल्ली की सनलाइट कॉलोनी में स्थित एक केन्द्र में जांच कराने आये लोगों ने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया में लगभग एक घंटा लगा.

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दक्षिण दिल्ली में रात आठ बजे तक 44 केन्द्रों पर लगभग 1,000 जांच की गई. जांच केन्द्र में एक स्वास्थ्य देखभाल कर्मी ने कहा कि प्रत्येक जांच किट की लागत 450 रुपये है और इससे 30 मिनट के भीतर जांच रिपोर्ट उपलब्ध हो सकती है जबकि आरटी-पीसीआर जांच में रिपोर्ट आने में तीन से चार घंटे का समय लगता है.

आईसीएमआर के अनुसार कोविड-19 के लिए रैपिड एंटीजेन जांच में निगेटिव आने वाले संदिग्ध लोगों को आरटी-पीसीआर जांच भी करानी चाहिए. जबकि इस जांच में पॉजिटिव आने वाले लोगों को संक्रमित समझा जायेगा और उन्हें पुष्टि के लिए आरटी-पीसीआर जांच की जरूरत नहीं है. दिल्ली में बुधवार को कोरोना वायरस के 2,414 नये मामले सामने आने के बाद कुल मामलों की संख्या 47 हजार के पार पहुंच गई है जबकि इस महामारी से मृतकों की संख्या 1,904 हो गई है.

Post by Amlesh nandan Sinha

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