राष्ट्रीय राजधानी में शराब की निजी दुकानों की जगह अब दिल्ली सरकार के 300 से अधिक विक्रय केंद्र लेंगे. अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि आबकारी नीति 2021-22 की जगह अब पुरानी व्यवस्था बहाल हो रही है और यह बदलाव गुरुवार से प्रभाव में आएगा. दिल्ली में करीब 250 निजी शराब विक्रेताओं के ठेके अभी संचालित हो रहे हैं जिन्हें अब वापस ली जा चुकी आबकारी नीति 2021-22 के तहत लाइसेंस दिए गए थे.
250 निजी शराब ठेके होंगे बंद
आबकारी अधिकारियों ने कहा कि अधिक ठेकों के खुलने से सितंबर के पहले हफ्ते से शराब की आपूर्ति में सुधार आएगा. दिल्ली के एक वरिष्ठ आबकारी अधिकारी ने कहा, अभी करीब 250 निजी ठेके हैं जिनका स्थान 300 से अधिक सरकारी विक्रय केंद्र लेंगे. आने वाले दिनों में ठेकों की संख्या बढ़ेगी क्योंकि दिल्ली सरकार की 500 ऐसी दुकान खोलने की योजना है.
ऐप के जरिए मिलेगी शराब ठेकों की जानकारी
आबकारी विभाग का एक मोबाइल ऐप भी सितंबर से शुरू हो जाएगा जिसमें उपभोक्ताओं को उनके आसपास ठेकों की जगह और उनके खुलने एवं बंद होने के समय की जानकारी दी जाएगी.
हवाई अड्डे के समीप हो सकती है दुकानों की कमी
गौरतलब है कि आबकारी विभाग के अधिकारियों ने बताया था कि इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) क्षेत्रों में शराब की दुकानों की कमी अभी कुछ और दिनों तक बनी रहेगी. अधिकारियों ने कहा था कि नगर के विभिन्न इलाकों में 300 से अधिक ठेके तैयार किए गए हैं और अब तक 360 शराब ब्रांड पंजीकृत हुई हैं.
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मेट्रो स्टेशनों के पास खुलेंगी अधिक दुकानें
अधिकारियों ने कहा था कि अगले महीने खुलने वाली कई दुकानें ऐसे मेट्रो स्टेशनों के पास स्थित होंगी जहां आने वाले लोगों की संख्या अधिक है और सुरक्षा उपाय अपेक्षाकृत बेहतर हैं. उन्होंने कहा कि आबकारी विभाग ने छह मॉल में शराब की दुकानों के लिए भी लाइसेंस जारी किए हैं जो एक सितंबर से खुलेंगे. आबकारी नीति 2021-22 के कार्यान्वयन में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच की उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना की सिफारिश के बाद सरकार ने इस नीति को वापस ले लिया था.
(इनपुट- भाषा)
