‘केजरीवाल की झूठ की फैक्ट्री बेकाबू हो गई’, CAG रिपोर्ट पर हरदीप पुरी ने AAP पर बोला हमला

Delhi Elections: दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 से पहले CAG रिपोर्ट को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है. केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने अरविंद केजरीवाल पर जोरदार हमला बोला है.

Delhi Elections: फर्जी वोटर कार्ड पर अरविंद केजरीवाल के आरोपों का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा, “पहले उन्होंने कहा कि हम रोहिंग्याओं को लाए. क्या कोई रोहिंग्या कभी हमें वोट देगा? उनके विधायक अमानतुल्लाह खान ने कहा कि उन्होंने उन्हें बसाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को 10,000 रुपये दिए और आधार कार्ड बनाने के बदले में उन्होंने पैसे लिए. उनकी झूठ की फैक्ट्री बेकाबू हो गई है.”

पूरी ने सीएजी रिपोर्ट पर अरविंद केजरीवाल पर बोला हमला

सीएजी रिपोर्ट पर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा, “वित्त, सार्वजनिक स्वास्थ्य, शराब आदि मुद्दों पर सीएजी की 14 रिपोर्ट हैं. आज हाईकोर्ट ने कहा कि सीएजी रिपोर्ट स्पीकर को भेजी जानी थी और उस पर चर्चा होनी चाहिए थी. रिपोर्ट जमा करने में देरी से संदेह पैदा होता है. अगर कोई घोटाला करता है, तो उसका असर चुनावों पर पड़ेगा.”

यह भी पढ़ें: Delhi Assembly Election 2025: ‘न विजन न कोई सीएम चेहरा’, आतिशी का अमित शाह को जवाब

हरदीप सिंह पुरी ने केजरीवाल से पूछे कई सवाल

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा, “अरविंद केजरीवाल हमारे सफल विधायकों में से सीएम कौन होगा, यह तय कर रहे हैं, लेकिन वह हमारे काम के बारे में बात नहीं कर रहे हैं. यह कहना कि आप झूठ बनाने वाली फैक्ट्री हैं, बहुत हल्का बयान है. मैं अन्ना हजारे से अनुरोध करता हूं, जिन्होंने उन्हें मंच दिया, कि वह दिल्ली आएं और देखें कि वह क्या कर रहे हैं. उनसे पूछा जाना चाहिए कि दिल्ली में पीएम आवास योजना और आयुष्मान भारत क्यों लागू नहीं किया गया. केजरीवाल की विश्वसनीयता खत्म हो गई है. उन्होंने स्कूल बनाने की बात करना बंद कर दिया है, अब वे कक्षाओं की बात कर रहे हैं और वे शौचालयों को कक्षाओं के रूप में गिन रहे हैं. केजरीवाल को बहुत कुछ जवाब देना है.”

यह भी पढ़ें: बिहारियों को अरविंद केजरीवाल ने बोला फर्जी वोटर , भड़के संजय झा बोले- चुनाव में मिलेगा जवाब

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >