Delhi Assembly Election 2025: 'न विजन न कोई सीएम चेहरा', आतिशी का अमित शाह को जवाब

Delhi Assembly Election 2025: दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी और आम आदमी पार्टी के बीच वार पलटवार का दौर जारी है. इसी कड़ी में दिल्ली की सीएम आतिशी ने अमित शाह के एक बयान पर जोरदार पलटवार किया है.

Delhi Assembly Election 2025: दिल्ली की सीएम आतिशी ने केंद्रीय मंत्री अमित शाह के बयान पर पलटवार किया है. सीएम आतिशी ने कहा है कि बीजेपी ने कभी भी दिल्ली में सिंगल डिजिट से ज्यादा सीटें नहीं जीतीं हैं. उन्होंने कभी भी दिल्ली की जनता के लिए काम नहीं किया. उन्हें एक भी बात बतानी चाहिए कि वे दिल्ली के लोगों के लिए किया है. बीजेपी के पास दिल्ली के लिए न तो कोई विजन है और न ही कोई सीएम चेहरा. दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर आम आदमी पार्टी और बीजेपी ने बीच सियासी जंग जारी है. दिल्ली विधानसभा में 5 फरवरी को वोटिंग है और 8 फरवरी को चुनाव के नतीजे आएंगे.

8 फरवरी को पटाखे तैयार रखें : शाह

बता दें, इससे पहले केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने महाराष्ट्र में एक सभा को संबोधित किया. अपने संबोधन में शाह ने इंडिया गठबंधन समेत आम आदमी पार्टी पर जमकर हमला किया. अमित शाह ने दिल्ली विधानसभा चुनाव की चर्चा करते हुए कहा कि “8 फरवरी को दिल्ली में बीजेपी की जीत का जश्न मनाने के लिए पटाखे तैयार रखें. 2024 महाराष्ट्र की जीत के साथ समाप्त हुआ और 2025 भाजपा की दिल्ली विजय के साथ शुरू होगा.”

बीजेपी पर केजरीवाल ने भी किया हमला

दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी और आम आदमी पार्टी के बीच वार पलटवार को दौर जारी है. रविवार को आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में अगर भाजपा सत्ता में आई तो वह दिल्ली की सभी झुग्गी-बस्तियों को ध्वस्त कर देगी. दिल्ली के पूर्व सीएम ने शकूर बस्ती क्षेत्र में मीडिया से बात करते हुए बीजेपी पर झुग्गीवासियों के कल्याण की बजाय भूमि अधिग्रहण को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया.उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी वाले पहले आपके वोट चाहते हैं और चुनाव के बाद आपकी जमीन. इस दौरान उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को चुनौती दी कि वे झुग्गियों में रहने वाले लोगों के खिलाफ सभी मामले वापस लें और विस्थापित लोगों को 24 घंटे के भीतर बसाएं.

‘जहां झुग्गी वहां मकान’ योजना पर साधा निशाना

पूर्व सीएम केजरीवाल ने बीजेपी की ‘जहां झुग्गी वहां मकान’ योजना की भी जमकर आलोचना की. उन्होंने योजना को महज दिखावा बताया. केजरीवाल ने कहा कि पिछले 10 सालों में उन्होंने झुग्गीवासियों के लिए केवल 4,700 फ्लैट बनाए हैं. दिल्ली में चार लाख झुग्गियां हैं. इस दर से, शहर के सभी झुग्गीवासियों को मकान मुहैया कराने में उन्हें एक हजार साल का समय लग जाएगा. इस दौरान केजरीवाल ने दावा किया कि अगर गृह मंत्री अमित शाह झुग्गीवासियों या विस्थापितों के खिलाफ सभी मामले वापस ले लेते हैं तो मैं चुनाव नहीं लड़ूंगा. अगर भाजपा विफल होती है, तो मैं चुनाव लड़ूंगा और झुग्गीवासियों के लिए ढाल बनकर खड़ा रहूंगा.

Also Read: BJP Candidate List: बीजेपी की तीसरी लिस्ट जारी, मोहन सिंह बिष्ट को बनाया मुस्तफाबाद से प्रत्याशी

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >