छत्तीसगढ़: बंद पड़ी खदान से कोयला निकालने गये 5 लोग दबे, 3 की मौत

खदान पिछले दो वर्ष से बंद है. उस हिस्से से कोयले का अवैध उत्खनन किया जा रहा था. जानें छत्तीसगढ़ के कोरबा में कैसे हुआ हादसा

collapsed coal mine in Chhattisgarh ; छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में कोयला खदान में दबे तीन लोगों में से दो के शवों को शुक्रवार को बचाव दल ने बाहर निकाल लिया तथा एक अन्य को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इस घटना में अब तक तीन लोगों की मौत हुई है. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले के हरदी बाजार थाना क्षेत्र के अंतर्गत केटवाडबरी गांव के करीब दीपका क्षेत्र में स्थित साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) की बंद पड़ी खदान से कोयला निकाल रहे पांच लोग गुरुवार को खदान में मिट्टी के नीचे दब गए थे. पुलिस ने तब दो लोगों को बाहर निकाल लिया था तथा तीन अन्य की तलाश की जा रही थी.

आसपास के लोगों की मदद से बचाव अभियान किया गया शुरू

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस घटना में पांच लोग अमित सरुता (17), लक्ष्मण मरकाम, शत्रुघ्न कश्यप(27), प्रदीप कुमार कमरो (18) और लक्ष्मण ओढ़े (17) मिट्टी में दब गए थे. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जानकारी मिलने पर आसपास के लोगों की मदद से बचाव अभियान शुरू किया गया. पुलिस ने अमित सरुता और लक्ष्मण मरकाम को बाहर निकाल लिया था तथा तीन अन्य को बाहर निकालने का प्रयास किया जा रहा था. गुरुवार को बाहर निकाले गए दो लोगों में अमित की हालत स्थिर थी वहीं लक्ष्मण मरकाम गंभीर रूप से घायल था, बाद में लक्ष्मण मरकाम की इलाज के दौरान मौत हो गई.

लक्ष्मण ओढ़े की हालत गंभीर

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटना के बाद एसईसीएल, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) और पुलिस के संयुक्त दल ने तीन अन्य युवकों शत्रुघ्न कश्यप, प्रदीप कुमार कमरो और लक्ष्मण ओढ़े को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया था. उन्होंने बताया कि बचाव दल ने शुक्रवार सुबह लक्ष्मण ओढ़े को घायल अवस्था में तथा प्रदीप कुमार कमरो और शत्रुघ्न कश्यप का शव बाहर निकाला. हरदी बाजार थाने के प्रभारी मृत्युंजय पांडेय ने बताया कि लक्ष्मण ओढ़े की हालत गंभीर है तथा उसका उपचार किया जा रहा है. पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है.

खदान पिछले दो वर्ष से बंद

एसईसीएल के जनसंपर्क अधिकारी सनिष चंद्र ने बताया कि खदान पिछले दो वर्ष से बंद है. उस हिस्से से कोयले का अवैध उत्खनन किया जा रहा था. चंद्र ने बताया कि एसईसीएल प्रबंधन समय समय पर आसपास के लोगों को खदान क्षेत्र में नहीं जाने के लिए सतर्क करती है, फिर भी ग्रामीण कोयले का उत्खनन करते हैं.

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