National Lok Adalat : कानूनी सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के तहत लोगों को जरूरी सेवाओं से जुड़े विवादों का समाधान देने के लिए स्थायी लोक अदालतें बनाई गई हैं. छत्तीसगढ़ में बिलासपुर, रायपुर और जगदलपुर में ये अदालतें साल 2007 से काम कर रही हैं. वहीं, दुर्ग और सरगुजा के अंबिकापुर में वर्ष 2011 से स्थायी लोक अदालतें चल रही हैं.
लोक अदालत में आम लोगों से जुड़ी कई जरूरी सेवाओं के विवाद सुलझाए जाते हैं. इनमें बस और दूसरी परिवहन सेवाएं, डाक, टेलीफोन, बिजली और पानी की सप्लाई से जुड़े मामले शामिल हैं. सार्वजनिक सफाई, अस्पताल, डिस्पेंसरी, बीमा और बैंक से जुड़े विवाद भी यहां रखे जा सकते हैं. इसके अलावा ईंधन की सप्लाई, स्कूल-कॉलेज, घर और जमीन-मकान से जुड़े मामलों में भी मदद मिल सकती है.
कब लगेगी लोक अदालत?
12 सितंबर को लोक अदालत लगने वाली है. इसकी जानकारी chhattisgarh.nalsa.gov.in में दी गई है. वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, 12 सितंबर को लोक अदालत सुबह 10 बजे से लग जाएगी. इसका मकसद लोगों को लंबे समय तक कोर्ट के चक्कर लगाने से बचाना है. यहां दोनों पक्षों की सहमति से विवाद का आसान और जल्द समाधान निकालने की कोशिश की जाती है.
राष्ट्रीय लोक अदालत के बारे में जानें और चीजें
- नेशनल लेवल पर लोक अदालतें नियमित अंतराल पर आयोजित की जाती हैं. एक तय दिन को देशभर की अदालतों में एक साथ लोक अदालत लगाई जाती है.
- लोक अदालत का मकसद एक साथ बड़ी संख्या में मामलों का समाधान करना है. इसमें सुप्रीम कोर्ट से लेकर जिला और तालुका स्तर की अदालतों में चल रहे मामलों को आपसी सहमति से सुलझाने की कोशिश की जाती है.
- हर महीने अलग-अलग तरह के मामलों पर ध्यान दिया जाता है. इससे एक जैसे कई मामलों को एक साथ सुलझाने में आसानी होती है. इसका फायदा यह है कि लोगों के मामलों का जल्द निपटारा हो सकता है.
