परीक्षा शुरू होने से पहले कथित प्रश्नपत्र लीक होने की शिकायतें सामने आई थीं. इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया. मामले में अब शिकायतों की जांच की जा रही है और परीक्षा की नई तारीख बाद में घोषित की जा सकती है. अधिकारियों ने बताया कि विश्वविद्यालय ने मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित की है.
विश्वविद्यालय से संबद्ध 33 महाविद्यालयों को गुरुवार को जारी एक परिपत्र के अनुसार, एईएनटी-221 (कृषि कीट विज्ञान) के तहत ‘फसलों और संग्रहीत अनाज में कीट प्रबंधन-1 (रबी फसलें)’ विषय की परीक्षा बृहस्पतिवार को होनी थी, जिसे “प्रशासनिक कारणों” से रद्द कर दिया गया. परिपत्र में कहा गया है कि अब यह परीक्षा सितंबर 2026 के पहले सप्ताह में फिर से आयोजित की जाएगी.
क्या कहा सीएम साय ने पेपर लीक पर
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गुरुवार शाम मामले पर रिएक्शन दिया. उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मामला सरकार के संज्ञान में आया है. उन्होंने आश्वासन दिया कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, “विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा रद्द कर दी है और समिति का गठन किया है. मामले की जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.”
परीक्षा गुरुवार सुबह 10 बजे शुरू होनी थी
आईजीकेवी के एक अधिकारी ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि परीक्षा गुरुवार सुबह 10 बजे शुरू होनी थी, लेकिन डीन के कार्यालय को सुबह करीब नौ बजे कथित प्रश्नपत्र लीक होने की शिकायत वाला एक ईमेल मिला. अधिकारी ने कहा कि ईमेल के साथ कोई प्रश्नपत्र संलग्न नहीं था. इसके बाद विद्यार्थियों के कुछ व्हॉट्सऐप समूहों में एक प्रश्नपत्र प्रसारित हुआ और दावा किया गया कि यह लीक हुआ प्रश्नपत्र है.
अधिकारी ने कहा, “जांच करने पर पता चला कि प्रसारित प्रश्नपत्र वास्तविक प्रश्नपत्र से पूरी तरह मेल नहीं खाता था, लेकिन उसमें करीब 70 प्रतिशत प्रश्न वास्तविक प्रश्नपत्र के प्रश्नों से मिलते-जुलते थे.”
कांग्रेस ने प्रश्नपत्र लीक को लेकर बीजेपी सरकार को घेरे
इस बीच, विपक्षी दल कांग्रेस ने कथित प्रश्नपत्र लीक को लेकर बीजेपी सरकार की आलोचना की. छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि बीएससी द्वितीय वर्ष के कीट विज्ञान के प्रश्नपत्र के परीक्षा से पहले लीक होने की कथित घटना “गंभीर और चिंताजनक” है. उन्होंने कहा कि परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र का लीक होना न केवल परीक्षा प्रणाली की विफलता है, बल्कि उन हजारों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ भी है जो ऐसी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कड़ी मेहनत करते हैं.
