Video : ‘बस्तर तिरंगा यात्रा’ का उद्देश्य दुनिया को यह संदेश देना है कि राज्य का आदिवासी क्षेत्र अब माओवादी खतरे से पूरी तरह मुक्त हो चुका है. तिरंगा यात्रा के जरिए क्षेत्र में शांति, विकास और सुरक्षा का संदेश लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया. सीएम विष्णुदेव साय ने एक्स पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि जिस बस्तर की धरती पर कभी लाल आतंक का साया था, वह आज शांति, विकास और विश्वास के साथ आजादी का उत्सव मना रही है. दशकों की चुनौती पर निर्णायक विजय के साथ बस्तर का भविष्य अब भय से मुक्त और संभावनाओं से परिपूर्ण है.
‘बस्तर तिरंगा यात्रा’ की शुरुआत नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ से हुई, जो कभी प्रतिबंधित सीपीआई (माओवादी) का गढ़ माना जाता था. यह यात्रा दक्षिण बस्तर के बीजापुर जिले की कर्रेगुट्टा पहाड़ियों तक पहुंची, जिसे माओवादियों का सबसे मजबूत ठिकाना माना जाता था और इस साल जनवरी में सुरक्षा बलों ने यहां कब्जा किया था. यात्रा उन पुराने लाल गलियारों से होकर गुजरी, जहां कभी माओवादियों और सुरक्षा बलों के बीच कई घातक मुठभेड़ हुई थीं.
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