Tribal Pride Day: जनजातीय गौरव दिवस पर याद किए जाएंगे बिरसा मुंडा, छत्तीसगढ़ में 10 हजार से ज्यादा लोग करेंगे पदयात्रा

Tribal Pride Day: जनजातीय गौरव दिवस के मौके पर छत्तीसगढ़ में भगवान बिरसा मुंडा के योगदानों को याद कर पदयात्रा निकाली जाएगी. पदयात्रा में केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी शामिल हो रहे हैं. पद यात्रा में 10 हजार से अधिक माय भारत युवा स्वयंसेवक शामिल हो रहे हैं.

Tribal Pride Day: 13 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के मौके पर केंद्रीय युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री मनसुख मांडविया पदयात्रा करेंगे. वो छत्तीसगढ़ के जशपुर में 10,000 से अधिक माय भारत युवा स्वयंसेवकों के साथ पदयात्रा करने वाले हैं. बिरसा मुंडा की विरासत और आदिवासी समुदायों समेत राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को याद करने के लिए यह पदयात्रा की जाएगी. इसका मकसद जनजातीय विरासत का स्मरण करना, समावेश को बढ़ावा देना और जनजातीय समुदायों को लाभ पहुंचाने वाली सरकारी योजनाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाना है.

स्वयंसेवक इस मौके पर आदिवासी संस्कृति, विरासत और परंपरा की रक्षा एवं संरक्षण की भावना को बढ़ावा देंगे. बता दें, भगवान बिरसा मुंडा एक स्वतंत्रता सेनानी थे, जिन्होंने 19वीं सदी के अंत में बंगाल प्रेसीडेंसी (अब झारखंड) में शुरू हुए आदिवासी आंदोलन का नेतृत्व किया था. जिससे वे देश के स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में एक महत्वपूर्ण व्यक्ति बन गए.

वहीं, केंद्रीय युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय ने कहा है कि पदयात्रा कोमोडो गांव से शुरू होगी. सात किलोमीटर की दूरी तय करते हुए यहां रणजीत स्टेडियम में खत्म होगी. यह पैदल मार्च युवाओं, आदिवासी नेताओं और समुदाय के सदस्यों को आदिवासी विरासत और भावना का जीवंत उत्सव मनाते हुए एकजुट करेगा. मांडविया के अलावा छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी इस पदयात्रा में शामिल होंगे. भाषा इनपुट से साभार

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Author: Pritish Sahay

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