अनंत सिंह-नीरज कुमार की सियासी अदावत की पूरी कहानी

VIDEO: 2015 की चुनावी भिड़ंत से 2026 के MLC चुनाव तक, मोकामा में अनंत सिंह-नीरज कुमार की सियासी अदावत की पूरी कहानी

2015 के मोकामा विधानसभा चुनाव से शुरू हुई अनंत सिंह और नीरज कुमार की राजनीतिक दूरी 2026 के MLC चुनाव तक पहुंच गयी है. जानिए दोनों नेताओं के बीच विवाद के प्रमुख पड़ाव.

Anant Singh Neeraj Kumar Political Rivalry : बिहार की राजनीति में मोकामा से जुड़ी अनंत सिंह और जदयू MLC नीरज कुमार की पुरानी राजनीतिक अदावत एक बार फिर खुलकर सामने आ गयी है. पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के MLC चुनाव से पहले अनंत सिंह ने नीरज कुमार के खिलाफ खुला मोर्चा खोलते हुए उन्हें चुनाव में हराने की बात कही है. इसके जवाब में नीरज कुमार ने अनंत सिंह के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि अगर उनके पास कोई प्रमाण है, तो वह कोर्ट जाएं.

MLC चुनाव ने फिर सामने ला दिया पुराना विवाद

अनंत सिंह ने कहा है कि पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव पार्टी के चुनाव चिह्न पर नहीं होता है और वह नीरज कुमार के खिलाफ अपना रुख कायम रखेंगे. उन्होंने नीरज कुमार पर पहले अपने और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के चुनाव में विरोध करने का आरोप भी लगाया है. दूसरी ओर नीरज कुमार ने कहा कि उनके खिलाफ लगाये जा रहे आरोपों का प्रमाण यदि किसी के पास है, तो कानूनी रास्ता अपनाया जाना चाहिए.

2015 में मोकामा चुनाव ने बदला दोनों नेताओं का राजनीतिक समीकरण

अनंत सिंह और नीरज कुमार की राजनीतिक दूरी का बड़ा मोड़ 2015 का मोकामा विधानसभा चुनाव माना जाता है. उस चुनाव में जदयू ने अनंत सिंह के बजाय नीरज कुमार को उम्मीदवार बनाया था. इसके बाद अनंत सिंह ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ा और नीरज कुमार के खिलाफ मैदान में उतर गये. चुनाव में अनंत सिंह को 54,005 वोट और नीरज कुमार को 35,657 वोट मिले थे. अनंत सिंह करीब 18,348 वोटों से चुनाव जीते थे.

मोकामा की राजनीति में दोनों के समर्थकों के बीच भी खींचतान

दोनों नेताओं की राजनीति का एक प्रमुख केंद्र मोकामा रहा है. लंबे समय तक जदयू से जुड़े रहने के बावजूद दोनों के बीच राजनीतिक मतभेद समय के साथ सार्वजनिक होते गये. समर्थकों और स्थानीय राजनीतिक प्रभाव को लेकर भी दोनों खेमों के बीच खींचतान की चर्चा होती रही है.

अनंत सिंह के आरोपों के अनुसार, जेल में रहने के दौरान नीरज कुमार ने उन्हें जदयू का टिकट देने का विरोध किया था. वहीं, नीरज कुमार ने इन आरोपों को खारिज किया है और मौजूदा विवाद में प्रमाण होने पर अदालत जाने की बात कही है.

AK-47 मामले का विवाद भी रहा अहम पड़ाव

दोनों नेताओं के बीच विवाद में 2019 का AK-47 बरामदगी मामला भी बार-बार सामने आता रहा है. अनंत सिंह ने उस मामले में नीरज कुमार पर उन्हें फंसाने का आरोप लगाया था. बाद में पटना की विशेष अदालत से सजा मिलने के बाद अनंत सिंह ने हाईकोर्ट का रुख किया और अगस्त 2024 में पटना हाईकोर्ट ने उन्हें AK-47 और हैंड ग्रेनेड बरामदगी से जुड़े मामले में बरी कर दिया था.

मौजूदा विवाद में अनंत सिंह ने फिर इस मामले का जिक्र करते हुए नीरज कुमार पर आरोप लगाया है. नीरज कुमार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि यदि कोई प्रमाण है, तो उसे अदालत में पेश किया जाना चाहिए.

अब चुनावी मैदान में आमने-सामने हैं दोनों खेमे

पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के आगामी MLC चुनाव ने पुराने राजनीतिक विवाद को नया चुनावी संदर्भ दे दिया है. अनंत सिंह ने नीरज कुमार के विरोध का ऐलान किया है और निर्दलीय प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह के समर्थन की बात कही है. नीरज कुमार की ओर से भी इस विरोध का जवाब सार्वजनिक रूप से दिया गया है.

इस पूरे घटनाक्रम में फिलहाल दोनों नेताओं के आरोप और जवाब सार्वजनिक बयान के रूप में सामने हैं. एक दशक से अधिक समय से चली आ रही राजनीतिक दूरी अब 2026 के MLC चुनाव के बीच फिर चर्चा में है.

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By विवेक सिंह

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