राघोपुर क्षेत्र में सड़क पर जमा बाढ़ का पानी, आवागमन के लिए ग्रामीणों को हो रही परेशानी

Watch VIDEO: राघोपुर बाढ़ में जलमग्न, तेजस्वी यादव और चिराग पासवान के इलाके में ग्रामीण परेशान; 20 साल से नहीं मिला समाधान

नेपाल में बारिश के कारण बिहार के राघोपुर इलाके में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. सड़कें जलमग्न हैं और आवागमन नावों से हो रहा है. ग्रामीण 20 साल से सड़क ऊंचा करने की मांग कर रहे हैं, जिससे उनका जीवन अस्त-व्यस्त है.

Bihar Flood : पटना से महज 20-30 किलोमीटर दूर राघोपुर इलाके में बाढ़ और जलजमाव ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर पानी जमा है और कई इलाकों में आवागमन नाव के सहारे हो रहा है. स्थानीय लोगों ने सड़क के ऊंचीकरण और बेहतर कनेक्टिविटी की मांग की है.

सड़क पर पानी या पानी में सड़क, समझना मुश्किल

नेपाल में भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति के बीच बिहार के कई इलाकों में भी बाढ़ का खतरा बना हुआ है. इसी बीच राजधानी पटना से करीब 20-30 किलोमीटर दूर राघोपुर क्षेत्र से सामने आई तस्वीरें इलाके की बदहाल स्थिति को बयां कर रही हैं. यहां कई जगह सड़कें पानी में डूबी हुई हैं. स्थिति ऐसी है कि यह समझना मुश्किल हो जाता है कि सड़क पानी में है या पानी के बीच सड़क है.

ग्रामीणों के मुताबिक, जलजमाव के कारण बच्चों की पढ़ाई, महिलाओं के रोजमर्रा के काम और लोगों के रोजगार पर सीधा असर पड़ रहा है. कई स्थानों पर लोगों को आने-जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है.

20 साल से सड़क ऊंची करने की मांग

जमालपुर निवासी भुवनेश्वर कुमार ने बताया कि इलाके में सड़क की समस्या वर्षों पुरानी है. उनके मुताबिक, करीब 20 साल से ग्रामीण सड़क को ऊंचा करने और बेहतर सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि मौजूदा सड़क को ऊंचा किए बिना निर्माण करने से हर साल बाढ़ के पानी में सड़क फिर डूब जाती है. ग्रामीणों की मांग है कि सड़क की भराई कर उसे करीब पांच फीट तक ऊंचा किया जाए, ताकि बाढ़ के समय भी आवागमन बाधित न हो.

‘सिक्स लेन बनने से हमें कोई फायदा नहीं’

ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में सिक्स लेन सड़क बनने के बावजूद स्थानीय लोगों को इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा है. उनका दावा है कि कई गांव और पंचायतें अब भी पानी से घिरी रहती हैं.

ग्रामीणों के मुताबिक, जफराबाद और जहांगीरपुर पंचायत के बड़ी आबादी वाले हिस्सों में जलजमाव की समस्या गंभीर है. उनका कहना है कि दोनों पंचायतों में करीब 14 से 15 हजार लोग रहते हैं और बरसात के दौरान आवागमन बेहद मुश्किल हो जाता है.

‘बीमार पड़ जाए तो अस्पताल कैसे जाएंगे?’

ग्रामीणों ने सबसे बड़ी चिंता स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर जताई. उनका कहना है कि यदि किसी व्यक्ति की तबीयत अचानक खराब हो जाए तो उसे अस्पताल तक ले जाना बड़ी चुनौती बन जाता है.

ग्रामीणों ने जफराबाद, सरफाबाद, परसोतीपुर और देवचंद समेत आसपास के इलाकों का जिक्र करते हुए कहा कि बाढ़ का पानी फैलने के बाद इन क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित हो जाता है. सड़क की स्थिति खराब होने से मरीजों को समय पर इलाज दिलाना मुश्किल हो सकता है.

‘चार महीने तक रोजी-रोटी पर पड़ता है असर’

स्थानीय लोगों के अनुसार, यह समस्या केवल आवागमन तक सीमित नहीं है. हर साल करीब चार महीने तक बाढ़ और जलजमाव का असर लोगों की रोजी-रोटी पर भी पड़ता है.

दूध बेचने, बाजार जाने और दूसरे छोटे-मोटे रोजगार के लिए घर से निकलने वाले लोगों को पानी के बीच से गुजरना पड़ता है. ग्रामीणों ने बताया कि रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी उन्हें काफी परेशानी उठानी पड़ती है.

‘डीएम को भी दिया आवेदन, अब तक कार्रवाई नहीं’

ग्रामीणों ने बताया कि सड़क के ऊंचीकरण को लेकर प्रशासन को आवेदन भी दिया गया है. उनके मुताबिक, 17 तारीख को जिलाधिकारी को पत्र देकर समस्या से अवगत कराया गया था.

ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की ओर से समस्या देखने का आश्वासन मिला, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आई है. लोगों की मांग है कि सड़क को ऊंचा कर स्थायी समाधान निकाला जाए.

‘विधायक और सांसद से भी उम्मीद’

ग्रामीणों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी इलाके की समस्या पर ध्यान देने की अपील की है. लोगों का कहना है कि राघोपुर क्षेत्र में हर साल बरसात के दौरान जलजमाव और बाढ़ जैसी स्थिति पैदा होती है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो पाया है.

एक ग्रामीण ने सवाल उठाया कि जब जनता अपने प्रतिनिधियों को चुनती है तो उनकी बुनियादी समस्याओं का समाधान कौन करेगा. लोगों ने सड़क निर्माण के साथ-साथ जलनिकासी और बाढ़ से बचाव के स्थायी इंतजाम की मांग की है.

खेत से बाजार तक पानी ही पानी

ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान ऐसे ग्रामीण भी मिले जो आसपास के गांवों से सामान लेकर बाजार की ओर जा रहे थे. उनका कहना था कि पानी भर जाने के कारण कारोबार और खेती से जुड़े काम प्रभावित हो रहे हैं.

ग्रामीणों ने कहा कि पानी बढ़ने के बाद गांवों से बाजार तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है. कई परिवारों को जरूरी काम के लिए भी जोखिम उठाकर पानी पार करना पड़ता है.

लोगों का सवाल- हर साल यही हाल क्यों?

राघोपुर क्षेत्र के ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ और जलजमाव कोई नई समस्या नहीं है. हर साल बारिश के दौरान उन्हें इसी तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. लोगों का सवाल है कि यदि समस्या वर्षों से बनी हुई है तो इसका स्थायी समाधान क्यों नहीं किया जा रहा.

ग्रामीणों की मांग साफ है- सड़क को ऊंचा किया जाए, जलनिकासी की व्यवस्था बेहतर हो और बाढ़ के दौरान गांवों का संपर्क मुख्य सड़क और बाजार से न टूटे.

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By विवेक सिंह

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