भागलपुर के विक्रमशिला सेतु में है 21 खतरनाक गड्ढे, विभाग की नजरों में ऑल इज वेल !

श्रावणी मेला के चलते वाहनों (Bhagalupar Vikramshila Setu) का लोड तीन गुना बढ़ गया है. पुल का स्पेन एक-दूसरे के समानांतर में नहीं रह गया है. ज्वाइंट एक्सपेंशन के पास गड्ढे बन गये हैं. छड़ बाहर निकल आया है.

भागलपुर: विक्रमशिला सेतु एक बार फिर पुरानी स्थिति में जाने लगा है. पुल की हालत खराब हो गयी है. यह देखरेख के अभाव में हुआ है. हजारों वाहनों का लोड सहनेवाले इस पुल को दुरुस्त करने के लिए प्रशासन सचेत नहीं है. इसकी मरम्मत अगर नहीं करायी, तो स्थिति बेहद खराब हो जायेगी.

पुल पर वाहनों का लोड तीन गुना बढ़ा

श्रावणी मेला के चलते वाहनों का लोड तीन गुना बढ़ गया है. पुल का स्पेन एक-दूसरे के समानांतर में नहीं रह गया है. ज्वाइंट एक्सपेंशन के पास गड्ढे बन गये हैं. छड़ बाहर निकल आया है. पुल की सड़क के किनारे बालू-मिट्टी जमा है और इसमें छोटे-छोटे पौधे उग गये हैं. यह पुल देश के सबसे बड़े पांच पुलों में शुमार है. हालत ऐसी हो गयी है कि सरफेस से लेकर रेलिंग तक जर्जर है. टूटी रेलिंग खतरनाक है. फुटपाथ पर साइकिल सवार या पैदल यात्रियों को यहां नदी में गिरने का डर बनने लगा है. दो दर्जन से अधिक जगहों पर सड़क का मास्टिक परत उखड़ गया है. पुल की बदहाली भागलपुर से ही दिखनी शुरू हो गयी है. चौथे और पांचवें पिलर के पास बाईं ओर सड़क की परत उखड़ गयी है. इससे वाहन चालकों को ड्राइविंग में खतरा महसूस होने लगा है.

2015 में हुआ था मरम्मत कार्य

पुल पर साल 2015 में गड़बड़ी नजर आयी थी. तब मुंबई के रोहरा रीबिल्ट एसोसिएट नामक ठेका एजेंसी ने 17 माह तक मरम्मत कराया था. इस दौरान एक्सपेंशन ज्वाइंट से लेकर बॉल बियरिंग तक बदला गया था. स्पेन में दरार आने पर कार्बन प्लेट चिपकाया था.

गड्ढे से बच कर चलें

पूरे सेतु पर 86 ज्वाइंट्स हैं, जो दो पिलर के बीच में है. इनमें 63 के समीप गड्ढे हैं. 21 गड्डे जानलेवा हैं. गड्ढे की साइज परिधि में ढाई फीट चौड़ी है. इसमें फंस कर गाड़ियां स्किट करती हैं. बालू ले जाने वाले ट्रक का गुल्ला यहीं टूटता है. बेगूसराय जा रहे ट्रक ड्राइवर सिकंदर बताते हैं कि इन गड्ढों के ऊपर लोड गाडियां एक फीट उछल जाती हैं.

दो दर्जन से अधिक जगहों के ढक्कन खराब

पुल पर दर्जन से ज्यादा ऐसे ढक्कन हैं, जो खराब चुके हैं. इसका लोहा तक अब दिखने लगा है. नवगछिया से भागलपुर आने के क्रम में इंट्रेंस पर ही सरिया दिखने लगता है, जिससे पुल की सेहत बिगड़ रही है. वहीं, जीरोमाइल स्थित फ्लाइ ओवरब्रिज की रिटायरिंग वॉल पर पीपल व बरगद के पौधे उग चुके हैं. एफओबी के नीचे भी किनारे-किनारे पौधे निकल गये हैं. यह इसके सर्विस रोड पर जाने से दिख रहा है.

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By Prabhat Khabar News Desk

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