हाजीपुर : बेहतर पोषण स्वस्थ समाज की नींव होती है. पोषण स्तर में सुधार कर स्वास्थ्य व खुशहाल जीवन की परिकल्पना साकार की जा सकती है. इसको ध्यान में रखते हुए सितंबर माह को पोषण माह के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है. इस दौरान जिला, परियोजना व आंगनबाड़ी केंद्र स्तर पर विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जायेगा. इसको लेकर आइसीडीएस के निदेशक आलोक कुमार ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेज कर आवश्यक निर्देश दिया है.
जिले में कुपोषण पर होगा वार, इस माह चलेगी सुपोषण की बयार
हाजीपुर : बेहतर पोषण स्वस्थ समाज की नींव होती है. पोषण स्तर में सुधार कर स्वास्थ्य व खुशहाल जीवन की परिकल्पना साकार की जा सकती है. इसको ध्यान में रखते हुए सितंबर माह को पोषण माह के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है. इस दौरान जिला, परियोजना व आंगनबाड़ी केंद्र स्तर पर विभिन्न […]

श्वेता सहाय सहायक निदेशक आइसीडीएस ने बताया कि ‘हर घर पोषण त्योहार व हर घर पोषण व्यवहार’ के नारे के साथ सितंबर माह को पोषण माह के रूप में मनाया जायेगा. इस दौरान होने जिला स्तर से लेकर सामुदायिक स्तर पर आयोजित की जाने वाली गतिविधियों के संबंध में सभी जिलों को निर्देशित किया गया है. साथ ही इसके बेहतर क्रियान्वयन के लिए राज्य स्तर से लेकर प्रखंड स्तर पर अनुश्रवण की भी व्यवस्था की गयी है.
ऊपरी आहार होगी थीम
पिछले वर्ष प्रधानमंत्री द्वारा पोषण अभियान की शुरुआत की गयी थी एवं सितंबर माह को पोषण माह के रूप में मनाया गया था. इसी क्रम में इस वर्ष भी सितंबर माह को पोषण माह के रूप में मनाया जायेगा. ‘‘ऊपरी आहार’’ इस वर्ष की थीम होगी. छह माह से लेकर दो साल तक के बच्चों के संपूर्ण मानसिक व शारीरिक विकास के लिए छह माह के बाद स्तनपान के साथ ऊपरी आहार की उपयोगिता बढ़ जाती है.
लेकिन अनुपूरक आहार के आंकड़ें इस पर अधिक बल देने की जरूरत को उजागर करता है. राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-4 के अनुसार बिहार में 54. 5 प्रतिशत शिशुओं में छह माह के बाद अनुपूरक आहार की शुरुआत हो पाती है, जबकि वैशाली जिले में प्रतिशत 19.1 प्रतिशत शिशु ही छह माह के बाद अनुपूरक आहार की शुरुआत कर पाते हैं.
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने बताया कि पोषण माह इस दौरान जिला, परियोजना व आंगनबाड़ी केंद्र स्तर पर विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जायेगा. जिसके लिए पूरे माह का कैलेंडर भी जारी किया गया है. इस दौरान गर्भवती, धात्री माताएं, किशोर-किशोरियों व छह माह से लेकर दो साल तक के बच्चों के पोषण में सुधार लाने का विशेष प्रयास किया जायेगा.
नौ विभागों की होगी सहभागिता
इस पोषण माह के दौरान आयोजित होने वाली गतिविधियों में आइसीडीएस के साथ स्वास्थ्य, शिक्षा, पंचायती राज, ग्रामीण विकास(जीविका), लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण, कृषि, नेहरू युवा केंद्र व महादलित विभाग भी सहयोग करेंगे. साथ ही जिलों में कार्यरत जिला समन्वयक, जिला परियोजना सहायक, स्वस्थ भारत प्रेरक, पीरामल फाउंडेशन, केयर इंडिया व यूनिसेफ के कर्मी भी पोषण माह को सफल बनाने में योगदान देंगे.
पोषण सेमिनार से होगी शुरुआत
सितंबर माह के प्रथम सप्ताह में जिला स्तर पर सेमिनार का आयोजन किया जायेगा. जिसमें पोषण के महत्व एवं पोषण अभियान के तहत की जाने वाली गतिविधियों पर चर्चा की जायेगी. इसमें सभी नौ विभागों के जिला स्तरीय प्रतिभागी शामिल होंगे. जबकि माह के प्रथम सप्ताह में प्रखंड या परियोजना स्तर पर अभिसरण कार्य योजना बैठक का आयोजन होगा.
सामुदायिक गतिविधियों से पोषण पर जागरूकता
पोषण माह के दौरान सामुदायिक स्तर पर आयोजित की जाने वाली विभिन्न गतिविधियों का विशेष आयोजन किया जाएगा. जिसमें अन्नप्राशन दिवस, गोदभराई व प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल व शिक्षा दिवस के आयोजन मुख्य रूप से शामिल होंगे.
सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर प्रभात फेरी
पोषण पर समुदाय को जागरूक करने के लिए प्रभात फेरी एक सशक्त माध्यम होता है. इसे ध्यान में रखते हुए सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्रभातफेरी का आयोजन किया जायेगा. इसमें आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका, आशा, स्वयं सहायता समूह की महिलाएं, बच्चे, किशोर व पंचायती राज के सदस्य शामिल होंगे.
गृहभ्रमण पर होगा बल
आंगनबाड़ी सेविका अपने-अपने पोषक क्षेत्र में पूर्व नियोजित घरों का भ्रमण करेंगी. साथ ही कमजोर नवजात शिशु की पहचान, छह माह से अधिक उम्र के बच्चों को ऊपरी आहार, महिलाओं में एनीमिया की पहचान एवं रोकथाम तथा शिशुओं में शारीरिक वृद्धि का आकलन करने का कार्य करेंगी.
जिला व प्रखंड स्तर पर लगेंगे पोषण मेले
सितंबर माह के दूसरे सप्ताह में जिला स्तर पर व दूसरे व चौथे सप्ताह में प्रखंड स्तर पर पोषण मेला का आयोजन किया जायेगा. इस दौरान विभिन्न सहयोगी विभाग पोषण मेला के आयोजन में सहयोग प्रदान करेंगे. इस दौरान विभिन्न स्टाल लगाकर पोषण संबंधित गतिविधियों का प्रदर्शन किया जायेगा. साथ ही, आम लोगों को पोषण के संबंध में जागरूक भी किया जायेगा.