Bihar Politics: जदयू के संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा इन दिनों पार्टी में अपने बगावती तेवर के कारण सुर्खियों में हैं. सोमवार को उपेंद्र कुशवाहा और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के बीच हुए बयानबाजी के बाद अचानक देर शाम आरा में उपेंद्र कुशवाहा के काफिले पर हमले की खबर से सनसनी फैल गयी. वहीं अब एक वीडियो सामने आया है जहां उपेंद्र कुशवाहा के सामने ही दो गुटों में जमकर लाठी-डंडे चले.
काफिले को काला झंडा दिखाने के दौरान विवाद
जगदीशपुर के नयका टोला मोड़ के पास उपेंद्र कुशवाहा के काफिले को काला झंडा दिखाने के दौरान दो पक्षों में भीषण भिड़ंत हो गयी. जानकारी के मुताबिक, उपेंद्र कुशवाहा का काफिला बक्सर से लौट रहा था. इस दौरान नयका टोला के पास उन्हें काला झंडा दिखाया गया. जिसे लेकर उपेंद्र कुशवाहा के समर्थक उनसे उलझ गए.
जमकर लाठी डंडे चले
उपेंद्र कुशवाहा ने आरोप लगाया कि उनके काफिले पर पथराव किया गया. जब सुरक्षाकर्मियों ने खदेड़ा तो असमाजिक तत्व भाग गए. वहीं एक वीडियो सामने आया है जहां उपेंद्र कुशवाहा के सामने ही जमकर लाठी डंडे चले. दोनों खेमे में जमकर विवाद छिड़ा और मारपीट हुई. इसके बाद उपेंद्र कुशवाहा को उनके समर्थकों ने गाड़ी में बैठाकर आगे बढ़ाया.
थानाध्यक्ष को निलंबित किया गया
वहीं इस मामले में अब धनगाई के थानाध्यक्ष को निलंबित करने की बात सामने आ रही है. जदयू के जिलाध्यक्ष ने साफ किया है कि उपेंद्र कुशवाहा को काला झंडा दिखाने वाले उनकी पार्टी के लोग नहीं थे. घटना की निंदा भी उन्होंने की. बता दें कि उपेंद्र कुशवाहा एकबार फिर से मीडिया के सामने आएंगे. मंगलवार को उन्होंने बड़े खुलासे की बात कही है.
उपेंद्र कुशवाहा की बगावत
गौरतलब है कि उपेंद्र कुशवाहा ने खुद को पार्टी में किनारे किए जाने का आरोप पार्टी के बड़े नेताओं पर लगाया है. साथ ही बड़ा आरोप लगाया कि सीएम नीतीश कुमार के खिलाफ उनकी ही पार्टी में साजिश रची जा रही है. राजद के द्वारा बयानों के जरिए हमले को भी उन्होंने साजिश बताई और जदयू के शीर्ष नेताओं पर सवाल खड़े किए थे.
Posted By: Thakur Shaktilochan
