नेहा सिंह राठौर का बिहार विधानसभा चुनाव के समय व्यंग्य गीत ‘बिहार में का बा’ काफी सुर्खियों में था. एक बार फिर उन्होंने यूपी चुनाव से ठीक पहले ‘यूपी में का बा’ व्यंग्य गीत के सहारे यूपी के योगी आदित्यनाथ सरकार पर तंज कसा है. उनका यह गाना बड़ी तेजी से अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. नेहा सिंह राठौर ने यूपी के योगी आदित्यनाथ सरकार पर तंज कसते हुए गाया है- ‘यूपी में का बा, बाबा के दरबार में खत्तम रोजगार बा.’ इसके साथ ही उन्होंने अपने गाना में रोजगार के साथ-साथ हाथरस की घटना, कोरोना वायरस के बीच गंगा में तैरती लाशों का जिक्र किया है.
उनके व्यंग गीत की शुरुआत बाबा के दरबार से होती है. उन्होंने गाया है यूपी में ‘बाबा के दरबार बा… खत्तम रोजगार बा… हाथरस के निर्णय जोहत लइकी के परिवार बा, कोरोना से लाखन मर गइलन, लाशन से गंगा भर गइलें, टिकठी और कफन नोचत कुकुर और बिलाड़ बा, मंत्री के बेटवा बड़ी रंगदार बा, किसानन के छाती पर रौगत मोटर कार बा, एक चौकीदार, बोलो के जिम्मेदार बा….’ उन्होंने गीत का अंत ‘जिंदगी झंड, पर फिर भी घमंड बा!’ पंक्ति से किया है.
रविवार की सुबह नेहा सिंह राठौर ने अपने ट्विटर पर इसे शेयर किया है. बिहार के कैमूर की रहने वाली नेहा सिंह राठौर 2018 में यूपी के कानपुर से स्नातक की पढ़ाई करने के बाद संगीत के क्षेत्र में आ गईं. बिहार विधानसभा चुनाव आते ही सोशल मीडिया पर ‘बिहार में का बा’ से वे सोशल मीडिया पर छा गईं. इसके बाद फेसबुक और ट्विटर पर उनके फॉलोवर्स की संख्या बढ़ गई.
